एक नज़र में
- पितृ पक्ष 10 अक्टूबर तक चलेगा
- अग्नि के माध्यम से पितरों को भोजन अर्पित करने की परंपरा है
- महाभारत के अनुशासन पर्व में इस कथा का उल्लेख है
पितृ पक्ष 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान पितरों के लिए धूप-ध्यान करते समय कंडों के अंगारों पर भोजन, गुड़ और घी चढ़ाया जाता है।
महाभारत के अनुशासन पर्व के अनुसार भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को श्राद्ध कर्म और महर्षि निमि द्वारा शुरू की गई परंपरा की कथा सुनाई थी।
कथा के अनुसार अत्यधिक अन्न मिलने से पितरों को अजीर्ण यानी अपच का कष्ट हो गया था, जिसके समाधान के लिए वे ब्रह्मा जी के पास गए थे।
ब्रह्मा जी के निर्देश पर अग्नि देव ने समाधान बताया कि श्राद्ध के समय सभी पितर उनके साथ भोजन ग्रहण करें, जिससे भोजन आसानी से पच जाएगा।
इस प्रसंग के बाद से ही धूप-ध्यान यानी अग्नि के माध्यम से पितरों को भोजन अर्पित करने की परंपरा शुरू हुई।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट Dainik Bhaskar Dharm में प्रकाशित महाभारत के अनुशासन पर्व के एक प्रसंग पर आधारित है, जिसमें पितरों को अग्नि के माध्यम से भोजन अर्पित करने की पौराणिक कथा का वर्णन किया गया है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. पितरों को भोजन अग्नि में क्यों चढ़ाया जाता है?
महाभारत की कथा के अनुसार अत्यधिक अन्न खाने से पितरों को अपच हो गया था, तब अग्नि देव ने उनके साथ भोजन ग्रहण करने का समाधान बताया था।