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उत्तराखंड कुंभ: धार्मिक विवाद से क्या प्रभावित होगा तीर्थ क्षेत्र? Haridwar Kumbh Religious Demand

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उत्तराखंड कुंभ: धार्मिक विवाद से क्या प्रभावित होगा तीर्थ क्षेत्र? Haridwar Kumbh Religious Demand

साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड के हरिद्वार में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को लेकर एक महत्वपूर्ण धार्मिक मांग उठ खड़ी हुई है।

कई हिंदू संगठनों ने, जिसमें श्रीगंगा सभा भी शामिल है, कुल 105 घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की अपील की है।

विशेष रूप से हरकी पैड़ी क्षेत्र और 52 अन्य घाटों के लिए यह मांग मुखर रूप से रखी गई है।

इन संगठनों का तर्क है कि इस रोक को 1936 के एक पुराने कानून के आधार पर लागू किया जाना चाहिए।

हालांकि, अभी तक कुंभ क्षेत्र की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, जिससे इन 105 घाटों की सटीक पहचान स्पष्ट नहीं है।

मुख्यमंत्री ने इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार सभी पहलुओं और संभावित चुनौतियों का गहराई से अध्ययन कर रही है, और इस पर कोई भी फैसला पूरी सोच-समझ के साथ लिया जाएगा, जो सभी के लिए उचित हो।

इसी बीच, विश्व हिंदू परिषद की फायरब्रांड नेता साध्वी प्राची ने हरिद्वार पहुंचकर इस मांग का समर्थन किया और इसे और मुखर बनाया।

उन्होंने हाल ही में लाल किले पर हुई आतंकी घटना का उल्लेख करते हुए सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं व्यक्त कीं।

साध्वी प्राची ने कहा कि शिक्षित लोग भी रासायनिक पदार्थों का उपयोग कर लाखों लोगों के जीवन को खतरे में डाल सकते हैं, और यदि ऐसे पदार्थ पवित्र गंगा में डाल दिए जाएं, तो यह करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए बड़ा खतरा बन सकता है, जो विश्वभर से इस महातीर्थ में पूजा-अर्चना के लिए आते हैं।

उन्होंने कुंभ क्षेत्र को ‘अमृत क्षेत्र’ घोषित करने और 1936 के कानून को सख्ती से लागू करने की वकालत की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस महान धार्मिक समागम में आने वाले भक्तों की सुरक्षा और उनकी आस्था अक्षुण्ण बनी रहे।

यह घटनाक्रम आगामी कुंभ की व्यवस्था और धार्मिक सौहार्द पर एक नई बहस का केंद्र बन गया है।

  • हिंदू संगठनों ने 2027 कुंभ में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग की।
  • साध्वी प्राची ने सुरक्षा चिंताओं के कारण 1936 कानून लागू करने पर जोर दिया।
  • मुख्यमंत्री ने सभी पहलुओं पर विचार कर सोच-समझकर निर्णय लेने की बात कही।

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Posted on 07 January 2026 | Check साधनान्यूज़.com for more coverage.

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