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MP के मंदिरों की अनोखी मान्यताएँ: आस्था और परंपरा का संगम? धर्म Madhya Pradesh Navratri Temple Rush

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MP के मंदिरों की अनोखी मान्यताएँ: आस्था और परंपरा का संगम? धर्म Madhya Pradesh Navratri Temple Rush

साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, शारदीय नवरात्रि में मध्य प्रदेश के विभिन्न देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है।

इन मंदिरों में आस्था के साथ-साथ अनोखी परंपराएँ और लोक मान्यताएँ भी जुड़ी हुई हैं, जो उन्हें अन्य धार्मिक स्थलों से अलग करती हैं।

भोपाल के कोलार क्षेत्र में स्थित जीजीबाई माता मंदिर में भक्त नई चप्पल, जूते या सैंडल चढ़ाते हैं, इसे ‘चप्पल वाली माता’ के नाम से जाना जाता है।

इस अनोखी पूजा पद्धति में विदेशी श्रद्धालु भी शामिल होते हैं।

भोपाल का कर्फ्यू वाली माता मंदिर भी अपनी अनोखी मान्यता के लिए जाना जाता है जहाँ भक्त अपनी मनोकामनाएँ लिखकर नारियल चढ़ाते हैं।

राजगढ़ जिले के बराई माता मंदिर में चेचक के इलाज के लिए पत्थर ले जाने की मान्यता है; ऐसा माना जाता है कि पत्थर ले जाने और पांच दिन बाद भजिया-पूड़ी का भोग चढ़ाने से रोग दूर हो जाता है।

ब्यावरा के थाने वाली माता मंदिर की स्थापना पुलिस थाने की दीवार पर प्रकट हुई मूर्ति से जुड़ी है, जहाँ पुलिसकर्मी ही पूजा-अर्चना करते हैं।

शाजापुर के पचेट मंदिर सहित कई अन्य मंदिरों में भी ऐसी ही अनोखी परंपराएँ और मान्यताएँ हैं जो आस्था और धर्म के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा को दर्शाती हैं।

ये मंदिर न केवल आध्यात्मिक स्थल हैं बल्कि मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के भी प्रतीक हैं।

  • भोपाल के जीजीबाई मंदिर में चप्पल चढ़ाने की परंपरा
  • बराई माता मंदिर में चेचक के इलाज की मान्यता
  • थाने वाली माता मंदिर में पुलिसकर्मियों द्वारा पूजा

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Posted on 24 September 2025 | Follow साधनान्यूज़.com for the latest updates.

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