नवरात्रि 2023: कलश स्थापना मुहूर्त, पूजा विधि, और धार्मिक महत्व Navratri Festival Ten Days Long
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नवरात्रि 2023: कलश स्थापना मुहूर्त, पूजा विधि, और धार्मिक महत्व Navratri Festival Ten Days Long
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक नवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाएगा।
इस वर्ष चतुर्थी तिथि के दो दिन रहने के कारण नवरात्रि दस दिनों की होगी।
दुर्गाष्टमी 31 सितंबर और महानवमी 1 अक्टूबर को मनाई जाएगी, जिसके बाद 2 अक्टूबर को दशहरा का त्यौहार मनाया जाएगा।
नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व है, जिसे माता की चौकी स्थापित करना भी कहा जाता है।
इस शुभ कार्य के लिए दिन भर में छह मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे।
देवी भागवत के अनुसार, वनवास के दौरान सीता हरण के बाद भगवान राम को नारद जी ने नवरात्रि में देवी पूजा करने की सलाह दी थी, जिससे उन्हें रावण पर विजय प्राप्त हुई।
आधुनिक जीवनशैली में कामकाजी व्यक्तियों को व्रत के दौरान अपनी दिनचर्या और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
स्थानीय परंपराओं का पालन करते हुए, दवाइयों का सेवन समय पर करना और पर्याप्त पानी पीना आवश्यक है।
बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर के रोगियों और बच्चों को दूध पिलाने वाली माताओं को व्रत करने से पहले चिकित्सकीय सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व अद्भुत है; ये नौ दिन मन और शरीर को ब्रह्मांडीय ऊर्जा से शक्तिशाली बनाते हैं।
नवरात्रि दो मौसमों के बीच के संधिकाल में आती है, इस समय ऊर्जा के उतार-चढ़ाव का प्रभाव शरीर और मन पर पड़ता है।
इसलिए, नियमित पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक साधना से इस ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग किया जा सकता है।
धार्मिक अनुष्ठानों और देवी पूजा के माध्यम से भक्त अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर हो सकते हैं।
यह पर्व देवी शक्ति की उपासना और धर्म के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
- नवरात्रि 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक
- कलश स्थापना के लिए 6 मुहूर्त
- पूजा विधि और धार्मिक महत्व का वर्णन
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Posted on 23 September 2025 | Visit साधनान्यूज़.com for more stories.
