महाराष्ट्र चुनाव: धर्म की राजनीति ने कैसे असल मुद्दों को घेरा? Owaisi Stirs Maharashtra Elections
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महाराष्ट्र चुनाव: धर्म की राजनीति ने कैसे असल मुद्दों को घेरा? Owaisi Stirs Maharashtra Elections
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का एक बयान प्रदेश की राजनीति में अचानक गरमाहट ले आया है।
सोलापुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने भारतीय संविधान की व्यापकता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य में हिजाब पहनने वाला कोई भी नागरिक भारत का प्रधानमंत्री बन सकता है, जिसे उन्होंने भारत और पाकिस्तान के संविधानों के बीच का मूल अंतर बताया।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब इन महत्वपूर्ण चुनावों में धार्मिक और सामाजिक समीकरणों की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।
ओवैसी के इस बयान ने मंच से उतरते ही तीव्र राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया और यह देखते ही देखते स्थानीय निकाय चुनावों की बहस का एक प्रमुख हिस्सा बन गया।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता नितेश राणे ने ओवैसी के दावे को खारिज करते हुए तीखी टिप्पणी की।
राणे ने साफ तौर पर कहा कि भारत में हिजाब पहनने वाला कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकता, जो केवल ओवैसी के तर्क का खंडन नहीं था, बल्कि सीधे तौर पर एक ध्रुवीकरण करने वाले राजनीतिक विमर्श की शुरुआत थी।
यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की चुनावी राजनीति को नए आयाम दे रहा है, जहाँ मूल विकास के मुद्दे पीछे छूटते दिख रहे हैं और धर्म-आधारित बहस ने जोर पकड़ा है, जिससे नेताओं द्वारा वोटों के ध्रुवीकरण की रणनीति स्पष्ट नजर आती है।
- ओवैसी ने कहा, हिजाब पहनने वाला भारत का PM बन सकता है।
- बीजेपी नेता नितेश राणे ने ओवैसी के बयान का तीखा खंडन किया।
- महाराष्ट्र निकाय चुनाव में धर्म की राजनीति ने पकड़ा जोर।
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Posted on 14 January 2026 | Keep reading साधनान्यूज़.com for news updates.
