अरावली पर्वतमाला पर सर्वोच्च न्यायालय की कड़ी नज़र: अवैध खनन रोकने को जनभागीदारी… Supreme Court Aravalli Mining Watch
सर्वोच्च न्यायालय ने अरावली पर्वतमाला में अवैध खनन को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। 21 जनवरी को न्यायमूर्ति सूर्यकांत, जॉयमाल्या बागची और विपुल एम. पंचोली की पीठ ने अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने और इसके संरक्षण के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। न्यायालय ने अरावली को परिभाषित करने, 100 मीटर के आदेश को यथावत रखने और विशेषज्ञ समिति के लिए नाम व सुझाव मांगे हैं, जिसके लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है। अरावली, जो 2 अरब वर्ष पुरानी है और राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर तथा गुजरात में फैली है, को अवैध खनन से भारी क्षति पहुंची है। न्यायालय ने विशेषकर हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में हुए नुकसान पर गंभीरता जताई है, और इसे भविष्य की आवश्यकता बताया है।
