सर्वोच्च न्यायालय की अरावली पर गंभीर चिंता: अवैध खनन रोकने के लिए कड़े निर्देश Supreme Court Aravalli Mining Directives
सर्वोच्च न्यायालय ने अरावली पर्वतमाला में अनियंत्रित अवैध खनन पर गहरी चिंता जताई है, जो इस प्राचीन पर्वत श्रृंखला को गंभीर नुकसान पहुँचा रहा है। 21 जनवरी को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अरावली के संरक्षण और अवैध खनन पर रोक लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। न्यायालय ने प्रभावी कार्ययोजना बनाने और अरावली की सटीक परिभाषा निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। 100 मीटर के दायरे वाले आदेश को यथावत रखते हुए विशेषज्ञ समिति के गठन के लिए सुझाव मांगे गए हैं, जिसके लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है। न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि वैध खनन से अधिक क्षति अवैध गतिविधियों के कारण हुई है। अरावली का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक राष्ट्रीय आवश्यकता है।
