कारोबार में बदलाव: जन विश्वास बिल से सुगम होगा व्यापार, पीयूष गोयल का बयान
जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 राज्यसभा में पारित। पीयूष गोयल ने इसे विश्वास आधारित शासन को बढ़ावा देने वाला बताया। 1000 से अधिक प्रावधानों में संशोध
जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 राज्यसभा में पारित। पीयूष गोयल ने इसे विश्वास आधारित शासन को बढ़ावा देने वाला बताया। 1000 से अधिक प्रावधानों में संशोध
World today: एपस्टीन फाइल्स: अमेरिकी न्याय विभाग पर गंभीर आरोप, ट्रंप प्रशासन घेरे में Trump Doj Washington Stir साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में हाल ही में हुए घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और न्याय व्यवस्था में हलचल पैदा कर दी है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा कुख्यात फाइनेंसर…
India today: धामी सरकार के नीतिगत निर्णय: हरित ऊर्जा को बढ़ावा, वैट में कटौती पर मुहर Cabinet Approves Development Welfare साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को धामी कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी मिली, जो राज्य के विकास और जन कल्याण के प्रति **सरकार** की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। कुल…
दिल्ली की एक अदालत ने 2018 के बहुचर्चित मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रभु कुमार नामक व्यक्ति को एक पुलिसकर्मी पर गोली चलाने के प्रयास सहित कई गंभीर आरोपों से बरी कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वंदना जैन ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को “संदेह से परे” साबित करने में पूरी तरह से विफल रहा। यह मामला द्वारका में एक पुलिस पिकेट पर घटित हुआ था, जहां प्रभु कुमार पर पुलिसकर्मियों से अभद्रता करने, एक कांस्टेबल को चोट पहुंचाने और लाइसेंसी पिस्तौल तानने का आरोप था। अदालत ने अभियोजन के सबूतों में कई गंभीर कमियां पाईं, जिसके चलते आरोपी को संदेह का लाभ मिला। यह फैसला आपराधिक न्याय प्रणाली में पुख्ता सबूतों के महत्व को दर्शाता है।
Game action: एशिया कप: हाथ मिलाने का विवाद! क्या क्रिकेट में घुस रहा है राजनीति? India Wins Asia Cup Thriller साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2023 के रोमांचक मैच के बाद एक विवाद छिड़ गया है। रविवार को दुबई में खेले गए मैच में टीम इंडिया ने पाकिस्तान…
दिल्ली की साकेत जिला न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में अवैध बांग्लादेशी अप्रवासी बिलाल हुसैन की जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौरव गुप्ता ने दिल्ली पुलिस की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि केवल ‘अवैध अप्रवासी’ होना किसी व्यक्ति को अनिश्चितकाल तक हिरासत में रखने का एकमात्र आधार नहीं हो सकता। अदालत ने पाया कि आरोपी ने अपनी स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं किया है और न ही जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। बिलाल हुसैन पर अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने और फर्जी भारतीय पहचान पत्र प्राप्त करने का आरोप है। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष को नए सबूत सामने आने पर दोबारा आवेदन करने की छूट दी है, लेकिन वर्तमान में जमानत बरकरार रखी है।
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव लगभग 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं। उनकी जमानत याचिका पर आज दिल्ली हाई कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। पिछली सुनवाई, 12 फरवरी को, अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर शिकायतकर्ता से जवाब दाखिल करने को कहा था। ऋण देने वाली कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स ने कोर्ट को सूचित किया है कि उन्होंने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। इस मुश्किल समय में निर्देशक प्रियदर्शन सहित सोनू सूद, वरुण धवन और मीका सिंह जैसे कई बॉलीवुड सितारों ने राजपाल यादव को वित्तीय सहायता की पेशकश की है। आज की सुनवाई अभिनेता के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी 2026-2030 का नया ड्राफ्ट जारी किया है, जिसके तहत 2028 से पेट्रोल टू-व्हीलर बंद हो जाएंगे। EV खरीदने पर ₹1 लाख तक की सब्सि
वर्तमान में लोकतांत्रिक सरकारों पर जनता का भरोसा ऐतिहासिक न्यूनतम स्तर पर है, जबकि सिंगापुर और यूएई जैसी टेक्नोक्रेटिक सरकारें उच्च विश्वास का आनंद ले रही हैं। डॉ. सामी महरूम के कॉलम के अनुसार, जहाँ एक ओर एआई को गलत सूचना का वाहक माना जा रहा है, वहीं यह जनता का विश्वास पुनः स्थापित करने में भी सक्षम हो सकता है। पश्चिमी लोकतंत्रों में नीति-निर्माण अक्सर दक्षता और राजनीतिक व्यवहार्यता के बीच फंसा रहता है, जबकि सफल टेक्नोक्रेटिक मॉडल जनता की संतुष्टि को प्राथमिकता देते हैं। एआई बड़े डेटा का विश्लेषण कर, जनभावना और विशेषज्ञ राय को एकीकृत करके अधिक तर्कसंगत, पारदर्शी और जन-स्वीकार्य नीतियां बनाने में सरकारों की मदद कर सकता है। यह नीति-निर्माण को कुशल बनाकर और मिथ्या सूचनाओं पर अंकुश लगाकर लोकतंत्रों में जनता का भरोसा लौटाने की कुंजी बन सकता है।
Sports buzz: पेरिस ओलंपिक: लवलीना का बड़ा फैसला? खेल से संन्यास? खेल Borgohein Questions Future After Olympics साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, मुक्केबाज़ी की दिग्गज लवलीना बोरगोहेन ने पेरिस ओलंपिक में पदक न जीत पाने के बाद अपने भविष्य को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने पर…