एक नज़र में
- ग्वालियर हादसे में लापरवाही पर तीन थाना प्रभारियों समेत आठ पुलिसकर्मी निलंबित
- मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये और गंभीर घायलों को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद
- घायलों के मुफ्त इलाज के दिए गए निर्देश
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास श्रद्धालुओं के साथ हुए भीषण सड़क हादसे के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई की है। हादसे में लापरवाही सामने आने के बाद झांसी रोड के सीएसपी को हटाने के निर्देश दिए गए हैं और तीन थाना प्रभारियों समेत कुल आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें झांसी रोड थाना प्रभारी, आंतरी थाना प्रभारी, ट्रैफिक थाना प्रभारी, एक यातायात निरीक्षक, एक प्रधान आरक्षक और तीन आरक्षक शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ड्यूटी में कोताही बरतने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।
इस दुर्घटना के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को दो-दो लाख रुपये और अन्य घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके साथ ही घायलों के मुफ्त इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रभावित परिवार ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर जिलों के बताए गए हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मंत्रियों एदल सिंह कंषाना और राकेश शुक्ला को ग्वालियर जाने के निर्देश दिए हैं, जो वहां पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगे और घायलों तथा पीड़ित परिवारों से मिलेंगे।
खबर का संदर्भ
ग्वालियर में हुए सड़क हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर उठائے गए कदमों और मुख्यमंत्री द्वारा की गई कार्रवाई को इस रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. ग्वालियर हादसे के बाद कितने पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है?
तीन थाना प्रभारियों समेत कुल आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
02. मृतकों के परिवारों के लिए कितनी सहायता राशि की घोषणा की गई है?
मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
