एक नज़र में
- देश में सीएपीएफ एक्ट 2026 लागू किया गया है।
- पांच केंद्रीय सुरक्षा बलों पर नया कानून लागू होगा।
- कैडर अफसरों ने करियर के अवसरों को लेकर आपत्ति जताई है।
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के तहत देश में सीएपीएफ (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) एक्ट 2026 लागू कर दिया गया है। यह नया कानून केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल में अधिकारियों की भर्ती, प्रमोशन और सेवा शर्तों को नियंत्रित करेगा।
यह कानून ऐसे समय लागू हुआ है जब सुप्रीम कोर्ट में इसकी वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाएं विचाराधीन हैं। संसद ने इस कानून को अप्रैल में पास किया था, जिसके बाद अब गृह मंत्रालय ने इसे प्रभावी कर दिया है।
कैडर अफसरों ने इस कानून पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं और अवमानना याचिका दाखिल की है। उनका तर्क है कि नए कानून के तहत आईपीएस से डेपुटेशन पर आने वाले अधिकारियों के कारण उनके करियर में आगे बढ़ने के अवसर कम हो जाएंगे।
नए नियमों के अनुसार, इंस्पेक्टर जनरल रैंक के 50 प्रतिशत पद, एडिशनल डायरेक्टर जनरल के कम से कम 67 प्रतिशत पद और स्पेशल डायरेक्टर जनरल व डायरेक्टर जनरल के पद डेपुटेशन से भरे जाएंगे।
खबर का संदर्भ
यह कानून पांचों केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में अलग-अलग चले आ रहे नियमों को एक साझा कानूनी ढांचे में पिरोने के लिए लाया गया है। हालांकि, डेपुटेशन के प्रावधानों को लेकर कैडर अधिकारियों और सरकार के बीच कानूनी खींचतान जारी है, और मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. सीएपीएफ एक्ट 2026 के तहत कौन से बल शामिल हैं?
इसमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी शामिल हैं।