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विवादित बयान: खड़गे ने गुजरातियों पर खेद जताया, कांग्रेस कार्यालय पर प्रदर्शन

राष्ट्रीय
📅 09 अप्रैल 2026 | SadhnaNEWS Desk

विवादित बयान: खड़गे ने गुजरातियों पर खेद जताया, कांग्रेस कार्यालय पर प्रदर्शन - SadhnaNEWS Hindi News


🔑 मुख्य बातें

  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुजरातियों पर दिए बयान पर खेद जताया।
  • दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय के बाहर गुजराती समुदाय के लोगों ने किया प्रदर्शन, माफी की मांग।
  • भाजपा ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी से खड़गे के बयान पर जवाब देने की मांग की है।

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुजरातियों को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान पर आखिरकार खेद जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने अपने शब्दों पर खेद व्यक्त किया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब खड़गे ने केरल के इडुक्की में एक सभा को संबोधित करते हुए गुजरात के लोगों को ‘अनपढ़’ कह दिया था, जबकि केरल के लोगों को ‘पढ़ा-लिखा और समझदार’ बताया था। उनके इस बयान के बाद देश भर में, खासकर गुजरात में, कड़ी प्रतिक्रिया हुई।

खड़गे के बयान के विरोध में गुजराती समुदाय के लोगों ने दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खड़गे के खिलाफ नारेबाजी की और उनसे माफी मांगने की मांग की। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी इस मुद्दे को उठाया और राहुल गांधी और सोनिया गांधी से इस पर जवाब देने की मांग की। भाजपा ने खड़गे के बयान को गुजरात का अपमान बताया और कांग्रेस पर गुजरात विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया। इस पूरे घटनाक्रम ने राष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है, जहां विपक्षी दल एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते नजर आ रहे हैं। देश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

खड़गे के इस बयान की पृष्ठभूमि में कई राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी चुनावों से जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि कांग्रेस अध्यक्ष का यह बयान पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है, खासकर गुजरात में, जहां पार्टी को अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की जरूरत है। हालांकि, खड़गे ने अपने बयान पर खेद जताकर नुकसान को कम करने की कोशिश की है, लेकिन इसका असर आने वाले समय में देखने को मिलेगा। सरकार और विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे को लेकर अभी भी तनातनी बनी हुई है।

इस बीच, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। टीएमसी का कहना है कि चुनाव आयोग ने उनके प्रतिनिधिमंडल को मिलने के लिए केवल 5 मिनट का समय दिया, जब वे SIR पर आपत्ति जताने गए थे। टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलने पहुंचा था, लेकिन उन्हें जल्द ही वहां से जाने के लिए कह दिया गया। इस घटना ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मल्लिकार्जुन खड़गे का विवादित बयान और टीएमसी के चुनाव आयोग पर आरोप, ये दोनों घटनाएं देश की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। जहां एक ओर खड़गे को अपने बयान पर सफाई देनी पड़ी है, वहीं दूसरी ओर टीएमसी ने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। इन घटनाओं का असर आने वाले समय में देश की राजनीति पर जरूर पड़ेगा।

इन सभी घटनाक्रमों को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि भारतीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। नेताओं के बयानों और राजनीतिक दलों के कार्यों पर जनता की नजर बनी हुई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इन घटनाओं का देश की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है और क्या सरकार और विपक्षी दल इन मुद्दों को सुलझाने के लिए कोई ठोस कदम उठाते हैं।

🔍 खबर का विश्लेषण

यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश में चल रही राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप को दर्शाती है। खड़गे का बयान और उस पर हुई प्रतिक्रिया दिखाती है कि कैसे छोटे से बयान को भी राजनीतिक रंग दिया जा सकता है और उसका इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा सकता है। यह घटना यह भी दर्शाती है कि नेताओं को अपने शब्दों का चयन करते समय कितनी सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर सार्वजनिक मंचों पर।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुजरातियों के बारे में क्या कहा था?

मल्लिकार्जुन खड़गे ने केरल में एक सभा को संबोधित करते हुए गुजरात के लोगों को ‘अनपढ़’ बताया था, जबकि केरल के लोगों को ‘पढ़ा-लिखा और समझदार’ कहा था। उनके इस बयान पर काफी विवाद हुआ था।

❓ खड़गे के बयान पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया थी?

भाजपा ने खड़गे के बयान को गुजरात का अपमान बताया और राहुल गांधी और सोनिया गांधी से इस पर जवाब देने की मांग की। भाजपा ने कांग्रेस पर गुजरात विरोधी मानसिकता रखने का भी आरोप लगाया।

❓ गुजराती समुदाय ने खड़गे के बयान पर कैसे प्रतिक्रिया दी?

गुजराती समुदाय के लोगों ने दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खड़गे के खिलाफ नारेबाजी की और उनसे माफी मांगने की मांग की।

❓ टीएमसी ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए हैं?

टीएमसी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है कि उसने उनके प्रतिनिधिमंडल को मिलने के लिए केवल 5 मिनट का समय दिया, जब वे SIR पर आपत्ति जताने गए थे। टीएमसी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

❓ खड़गे के बयान पर खेद जताने के बाद क्या हुआ?

खड़गे ने अपने बयान पर खेद जताकर नुकसान को कम करने की कोशिश की है, लेकिन इसका असर आने वाले समय में देखने को मिलेगा। सरकार और विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे को लेकर अभी भी तनातनी बनी हुई है।

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Source: Agency Inputs
 |  Published: 09 अप्रैल 2026

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