काशी में संत रविदास जयंती: भक्ति का अद्भुत संगम, डॉलर की माला और 3 KM लंबी कतार Kashi Sant Ravidas Jayanti Celebration
Faith focus: Pilgrimage news: आध्यात्मिक नगरी काशी इस समय भक्ति के रंग में डूबी हुई है, जहाँ महान संत रविदास की जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जा रही है। उनकी जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर में जनसैलाब उमड़ पड़ा है, जो एक विशालकाय रैदासी शहर में तब्दील हो चुका है। देश-विदेश से लाखों की संख्या में भक्तगण इस पावन अवसर पर दर्शनार्थ पधारे हैं।
आज सुबह से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लगभग तीन किलोमीटर लंबी कतार देखी जा सकती है। लोग अपने आराध्य संत रविदास के दर्शन के लिए घंटों धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस भव्य आयोजन में विशेष रूप से 1000 से अधिक प्रवासी भारतीय (NRI) शामिल हुए हैं, जो लगभग 10 विशेष चार्टर्ड विमानों से काशी पहुँचे हैं। इन प्रवासी भक्तों ने अपनी अनूठी श्रद्धा का प्रदर्शन करते हुए संत रविदास को डॉलर की विशेष माला अर्पित की।
मंदिर परिसर के समीप 150 फुट ऊँची रविदासी पताका गर्व से फहराई गई है, जिसकी भव्यता दूर से ही दिखाई देती है और जो भक्तों को मार्ग दिखा रही है। इस अवसर पर मंदिर को 200 किलोग्राम से अधिक स्वर्ण से अलंकृत किया गया है, जिससे उसकी आभा और भी बढ़ गई है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रांगण में तीन विशाल लंगर लगाए गए हैं। यहाँ दस-दस फुट के विशाल तवों पर अद्भुत गति से रोटियाँ बनाई जा रही हैं – अनुमानित रूप से प्रति मिनट लगभग एक हजार रोटियाँ। हजारों भक्तों को निरंतर प्रसाद वितरित किया जा रहा है। इस विशाल व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए 10,000 से अधिक सेवादार दिन-रात अथक परिश्रम कर रहे हैं।
बाहर से आए श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए एक भव्य टेंट सिटी का निर्माण किया गया है, जहाँ उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए भक्तों के लिए आवास और भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है। विगत वर्षों में भी यह पावन अवसर अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति का साक्षी रहा है, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं, जिन्होंने यहाँ मत्था टेका है।
**संत रविदास जयंती समारोह की मुख्य बातें:**
* काशी की सीर गोवर्धनपुर जन्मस्थली पर लाखों भक्त दर्शनार्थ पहुँचे।
* मंदिर के बाहर 3 किलोमीटर लंबी दर्शनार्थियों की कतार लगी।
* 1000 से अधिक NRI भक्त 10 चार्टर्ड विमानों से आए और डॉलर की माला अर्पित की।
* मंदिर को 200 किलो से अधिक सोने से सजाया गया है।
* तीन विशाल लंगरों में प्रति मिनट लगभग 1000 रोटियाँ तैयार की जा रही हैं।
* श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटी और 10,000 से अधिक सेवादार तैनात।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता और सेवाभाव का भी अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है।
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- काशी की सीर गोवर्धनपुर जन्मस्थली पर लाखों भक्त दर्शनार्थ पहुँचे।
- मंदिर के बाहर 3 किलोमीटर लंबी दर्शनार्थियों की कतार लगी।
- 1000 से अधिक NRI भक्त 10 चार्टर्ड विमानों से आए और डॉलर की माला अर्पित की।
- मंदिर को 200 किलो से अधिक सोने से सजाया गया है।
- तीन विशाल लंगरों में प्रति मिनट लगभग 1000 रोटियाँ तैयार की जा रही हैं।
- श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटी और 10,000 से अधिक सेवादार तैनात।
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स्रोत: Dainik Bhaskar
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