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त्रिवेणी घाट पर गंगा आरती जारी रहेगी: उच्च न्यायालय का धर्म और आध्यात्म पर महत्व… Rishikesh Yoga Capital India Spiritual

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त्रिवेणी घाट पर गंगा आरती जारी रहेगी: उच्च न्यायालय का धर्म और आध्यात्म पर महत्व… Rishikesh Yoga Capital India Spiritual

साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, ऋषिकेश, जिसे पूरे **भारत** में ‘विश्व की योग राजधानी’ के रूप में जाना जाता है, अपनी आध्यात्मिक विरासत और शांतिपूर्ण वातावरण के लिए प्रसिद्ध है।

यहाँ के पवित्र त्रिवेणी घाट पर आयोजित होने वाली गंगा आरती, केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि **देश** के लाखों श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्म का एक गहरा अनुभव है।

हाल ही में इस विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती के आयोजन को लेकर एक कानूनी विवाद सामने आया था, जिस पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण हस्तक्षेप करते हुए एक फैसला सुनाया है।

अदालत ने जनहित और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को प्राथमिकता देते हुए, कुछ शर्तों के साथ आरती को जारी रखने की अनुमति दे दी है, जिससे **राष्ट्रीय** स्तर पर लाखों लोगों की आस्था को सम्मान मिला है।

न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की अवकाशकालीन पीठ ने इस मामले की सुनवाई की और अपने आदेश में स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों का महत्व और जनता की भावनाएं सर्वोपरि हैं।

दरअसल, ऋषिकेश नगर निगम ने श्री गंगा सभा को गंगा आरती करने से यह कहकर रोक दिया था कि उसका पंजीकरण समाप्त हो चुका है और उसे आरती करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

नगर निगम ने श्री गंगा सभा पर व्यावसायिक शोषण और गंदगी फैलाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए थे।

नगर निगम के इस आदेश को श्री गंगा सभा ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

उच्च न्यायालय ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद यह सुनिश्चित किया कि परंपरा और आस्था को बनाए रखा जाए, जबकि व्यवस्था और नियमों का भी पालन हो।

यह निर्णय **सरकार** और न्यायपालिका के बीच संतुलन को दर्शाता है।

उच्च न्यायालय ने गंगा आरती को जारी रखने की अनुमति देते समय कुछ शर्तें भी लगाई हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार के व्यावसायिक शोषण या अव्यवस्था को रोका जा सके।

इन शर्तों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गंगा आरती अपनी पवित्रता और गरिमा बनाए रखे।

यह निर्णय न केवल ऋषिकेश के श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत है, बल्कि यह **भारत** में धार्मिक स्वतंत्रता और आस्था के संरक्षण के प्रति न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।

अब त्रिवेणी घाट पर पहले की तरह ही दिव्यता और आध्यात्म से भरी गंगा आरती का आयोजन होता रहेगा, जो **देश** के सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • उच्च न्यायालय ने ऋषिकेश गंगा आरती जारी रखने की अनुमति दी।
  • धार्मिक भावनाओं और जनहित को प्राथमिकता दी गई।
  • नगर निगम के रोक आदेश को कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

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Posted on 17 January 2026 | Check साधनान्यूज़.com for more coverage.

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