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दत्तात्रेय होसबाले ने बताया, भारत की ज्ञान परंपरा ही राष्ट्र का यश है Hosabale Launches Mantra Viplav Book
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, आगामी 15 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित भारतमंडपम में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले जी ने ‘मंत्र-विप्लव’ पुस्तक का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर उन्होंने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को ही राष्ट्र के यश और वैभव का मूल आधार बताया।
तरुण विजय द्वारा लिखित और प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस महत्वपूर्ण पुस्तक के विमोचन समारोह में राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, लेखक तरुण विजय और प्रभात प्रकाशन के चेयरमैन प्रभात कुमार जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए श्री होसबाले जी ने जोर देकर कहा कि भारत की संस्कृति और परंपरा हमेशा से ज्ञान-केंद्रित रही है, जिससे हमारे देश को सदियों से गौरव और समृद्धि मिली है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ज्ञान व्यक्ति को सही दिशा में ले जाता है, लेकिन ज्ञान के साथ भक्ति की अनिवार्यता पर बल दिया।
उनके अनुसार, बिना भक्ति के ज्ञान अहंकार को जन्म दे सकता है, जो व्यक्ति और समाज दोनों के लिए अहितकर है।
उन्होंने अपने वक्तव्य में महर्षि अरविंदो के स्वतंत्र भारत के लिए बताए गए तीन महत्वपूर्ण कार्यों का भी उल्लेख किया, जिनमें से एक प्रमुख कार्य बिखरी हुई प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को एकत्र करना था।
यह प्रयास देश की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है, जो राष्ट्रीय चिंतन का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
- भारत की ज्ञान परंपरा ही राष्ट्र का यश है: दत्तात्रेय होसबाले।
- ज्ञान के साथ भक्ति आवश्यक, अन्यथा अहंकार आता है।
- महर्षि अरविंदो ने प्राचीन ज्ञान परंपरा को एकत्र करने पर जोर दिया।
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Posted on 16 January 2026 | Stay updated with साधनान्यूज़.com for more news.
