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राष्ट्रीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप: क्या ED-CBI सरकार की निजी सेना? Central Agencies Misuse Political Row

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राष्ट्रीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप: क्या ED-CBI सरकार की निजी सेना? Central Agencies Misuse Political Row news image

राष्ट्रीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप: क्या ED-CBI सरकार की निजी सेना? Central Agencies Misuse Political Row

साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजनीति में केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), आयकर विभाग (आई-टी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को मौजूदा सरकार अपनी निजी सेना के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।

खेड़ा ने दावा किया कि ईडी की छापेमारी मुख्य रूप से उन राज्यों में केंद्रित होती है, जहाँ भाजपा सत्ता में नहीं है, जिससे इन एजेंसियों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि ईडी को वाकई आई-पैक कार्यालयों में छापेमारी करनी ही थी, तो उसे एक साथ देश के सभी कार्यालयों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी, न कि सिर्फ विपक्षी दलों शासित राज्यों में।

यह बयान ऐसे समय आया है जब इससे ठीक पहले, भारत की राजधानी दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई सांसदों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते समय हिरासत में लिया गया।

ये सांसद कोलकाता स्थित आई-पैक कार्यालय पर ईडी द्वारा की गई छापेमारी का विरोध कर रहे थे और जांच एजेंसी के कथित दुरुपयोग का आरोप लगा रहे थे।

टीएमसी के वरिष्ठ सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आज़ाद और अन्य ने इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए।

यह घटना भारत में विपक्षी दलों द्वारा केंद्रीय एजेंसियों पर राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप लगाने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक गरमाहट बनी हुई है।

इस तरह के आरोप और विरोध प्रदर्शन राष्ट्रीय राजनीति में तनाव का माहौल बना रहे हैं।

विपक्षी दल लगातार सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि वह केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल अपने विरोधियों को कमजोर करने के लिए कर रही है, जबकि सत्ताधारी दल इन आरोपों को निराधार बताकर एजेंसियों की स्वतंत्र कार्यप्रणाली का बचाव करता है।

यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मुद्दे पर राष्ट्रीय विमर्श आगे क्या मोड़ लेता है और प्रधानमंत्री कार्यालय या गृह मंत्रालय की ओर से इस संबंध में क्या प्रतिक्रिया आती है।

  • पवन खेड़ा का बड़ा आरोप: ED, CBI भाजपा सरकार की ‘निजी सेना’ हैं।
  • ईडी की छापेमारी केवल गैर-भाजपा शासित राज्यों में केंद्रित।
  • टीएमसी सांसदों ने दिल्ली में अमित शाह कार्यालय के बाहर किया विरोध प्रदर्शन।

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Posted on 10 January 2026 | Follow साधनान्यूज़.com for the latest updates.

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