CJI गवई का स्पष्टीकरण: धर्मों का सम्मान, खजुराहो मूर्ति विवाद पर प्रतिक्रिया Khajuraho Vishnu Statue Repair Petition Filed
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CJI गवई का स्पष्टीकरण: धर्मों का सम्मान, खजुराहो मूर्ति विवाद पर प्रतिक्रिया Khajuraho Vishnu Statue Repair Petition Filed
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली भारत सरकार के राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर, खजुराहो के वामन (जावरी) मंदिर में भगवान विष्णु की क्षतिग्रस्त मूर्ति को बदलने संबंधी याचिका पर अपनी टिप्पणी को लेकर चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ ने स्पष्टीकरण दिया है।
उन्होंने गुरुवार को कहा कि उनकी टिप्पणी को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है और उन्होंने सभी धर्मों का सम्मान करने का दावा किया है।
इससे पहले, 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राकेश दलाल की याचिका खारिज कर दी थी।
सुनवाई के दौरान CJI ने याचिकाकर्ता से कहा था, “जाओ और भगवान से खुद करने को कहो।
” इस बयान पर देश भर में बहस छिड़ गई थी।
बेंच में शामिल जस्टिस के. विनोद चंद्रन ने सोशल मीडिया को ‘एंटी-सोशल मीडिया’ बताया और कहा कि उन्हें भी ऑनलाइन गलत तरीके से दिखाया गया है।
याचिकाकर्ता के वकील संजय नूली ने CJI के बारे में सोशल मीडिया पर फैलाए गए बयानों को झूठा बताया।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि वे CJI को दस साल से जानते हैं और CJI सभी धर्मस्थलों पर जाते हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर बातों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने की बात भी कही।
यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक सहिष्णुता और सोशल मीडिया के प्रभाव पर महत्वपूर्ण बहस छेड़ता है, देश की आध्यात्मिक विरासत की रक्षा के लिए भी यह प्रकरण महत्वपूर्ण है।
यह घटना भारत के न्यायिक तंत्र और जनमानस के बीच संवाद की चुनौती को भी उजागर करती है।
इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
- CJI ने सभी धर्मों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
- सोशल मीडिया पर टिप्पणी का गलत प्रचार होने की बात सामने आई।
- खजुराहो मंदिर मूर्ति विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला।
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Posted on 19 September 2025 | Keep reading साधनान्यूज़.com for news updates.
