बांग्लादेश: मुंशीगंज में चुनाव बाद खूनी संघर्ष, एक की मौत, दर्जनों घायल; ढाका वि… Bangladesh Post-election Violence
Global update: वैश्विक समाचार: बांग्लादेश में हाल ही में संपन्न हुए संसदीय चुनावों के नतीजों के बाद देश में राजनीतिक तनाव और हिंसा का माहौल व्याप्त हो गया है। विशेष रूप से मुंशीगंज शहर इस अशांति का केंद्र बन गया है, जहाँ चुनावी नतीजों की घोषणा के ठीक बाद हुई हिंसक झड़पों में एक व्यक्ति ने अपनी जान गंवा दी और दस अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने राष्ट्रव्यापी चिंता को गहरा दिया है।
शुक्रवार को मुंशीगंज में हुई इन भीषण झड़पों ने शहर की शांति भंग कर दी। इन हिंसक टकरावों में कम से कम एक नागरिक को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि दस अन्य लोग गंभीर रूप से चोटिल होकर अस्पतालों में भर्ती हैं। यह अशांति तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की चुनाव में मिली निर्णायक जीत के ऐलान के ठीक एक दिन बाद भड़की। स्थानीय प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों ने इन घटनाओं की पुष्टि करते हुए बताया कि उपद्रवियों ने कानून व्यवस्था को चुनौती दी, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ।
मुंशीगंज की इस दुखद घटना के बाद, राजधानी ढाका में व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली। ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने मृतक के लिए न्याय की मांग को लेकर एक जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। छात्रों में भारी आक्रोश था, और उन्होंने “मुंशीगंज में हुई इस हत्या का जिम्मेदार कौन?” जैसे तीखे नारे लगाए। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए वीडियो क्लिप में छात्रों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि “हत्यारों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।” इन प्रदर्शनों ने सरकार पर दोषियों को पकड़ने का दबाव बढ़ा दिया है।
बिगड़ती स्थिति को देखते हुए, मुंशीगंज शहर में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया गया है। विभिन्न संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। यह भी सामने आया है कि गुरुवार को मतदान के दिन भी मुंशीगंज के एक मतदान केंद्र पर एक क्रूड बम धमाका हुआ था। सदर उपजिला के मोल्लाकांडी यूनियन में स्थित मखाती गुरुचरण हाई स्कूल मतदान केंद्र पर हुई इस घटना में विरोधी उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झड़पें शामिल थीं। यद्यपि अधिकारियों ने उस समय इसे ‘छोटी घटना’ बताया था, लेकिन इसने चुनावी माहौल में तनाव को स्पष्ट रूप से बढ़ा दिया था। मुंशीगंज सदर पुलिस स्टेशन के अधिकारी-इन-चार्ज मोहम्मद मोमिनुल इस्लाम ने बताया कि बीएनपी समर्थित उम्मीदवार कमरुज्जमां, जिनका चुनाव चिन्ह ‘धान का गट्ठा’ था, और स्वतंत्र उम्मीदवार मोहिउद्दीन के समर्थकों के बीच यह टकराव हुआ था।
* बांग्लादेश में संसदीय चुनावों के परिणामों के बाद मुंशीगंज में भीषण हिंसा का दौर।
* हिंसक झड़पों में एक व्यक्ति की मौत और 10 लोग गंभीर रूप से घायल।
* यह अशांति तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की जीत के ऐलान के अगले ही दिन भड़की।
* ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने मुंशीगंज हिंसा के मृतक के लिए न्याय की मांग करते हुए उग्र प्रदर्शन किए।
* मुंशीगंज में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई; मतदान के दौरान एक मतदान केंद्र पर क्रूड बम धमाका भी हुआ था।
* केवल मुंशीगंज ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य जिलों में भी हिंसा भड़की, जिसमें 80 से अधिक लोग घायल हुए।
बांग्लादेश के अग्रणी दैनिक ‘प्रोथोम अलो’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, मतदान की समाप्ति और परिणामों की घोषणा के बाद केवल मुंशीगंज ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य जिलों में भी हिंसक वारदातें सामने आईं। इन व्यापक झड़पों में कुल मिलाकर 80 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है, जो चुनाव पश्चात उपजे गहरे राजनीतिक तनाव और प्रतिद्वंद्विता को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। इन घटनाओं ने देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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- बांग्लादेश में संसदीय चुनावों के परिणामों के बाद मुंशीगंज में भीषण हिंसा का दौर।
- हिंसक झड़पों में एक व्यक्ति की मौत और 10 लोग गंभीर रूप से घायल।
- यह अशांति तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की जीत के ऐलान के अगले ही दिन भड़की।
- ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने मुंशीगंज हिंसा के मृतक के लिए न्याय की मांग करते हुए उग्र प्रदर्शन किए।
- मुंशीगंज में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई; मतदान के दौरान एक मतदान केंद्र पर क्रूड बम धमाका भी हुआ था।
- केवल मुंशीगंज ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य जिलों में भी हिंसा भड़की, जिसमें 80 से अधिक लोग घायल हुए।
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स्रोत: Prabhasakshi
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