भारत-रूस ऊर्जा मैत्री: अमेरिकी दावों पर मॉस्को का दोटूक जवाब, ‘हमारे भारतीय मित्… Moscow Rejects Us India Energy
International spotlight: Global update: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के ऊर्जा संबंधों को लेकर किए गए दावों पर मॉस्को ने अपनी दृढ़ प्रतिक्रिया दी है। रूस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उसे भारत पर पूरा भरोसा है और वह अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूसी तेल का साथ कभी नहीं छोड़ेगा। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने ट्रंप के उस बयान को सिरे से खारिज किया है, जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत नई दिल्ली के रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करने की बात कही थी।
मारिया ज़खारोवा ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमेरिका द्वारा संप्रभु देशों को यह बताना कि उन्हें किसके साथ व्यावसायिक संबंध बनाने चाहिए, कोई नया विषय नहीं है। यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब 2 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच एक बड़े व्यापार समझौते की घोषणा की। इस घोषणा से दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ताओं पर अनिश्चितता समाप्त हो गई थी। ट्रंप ने उस समय यह बयान दिया था कि इस समझौते के परिणामस्वरूप भारतीय आयातों पर पारस्परिक शुल्क घटाकर 18% कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के साथ भारत के तेल व्यापार को रोकने पर सहमत हो गए हैं।
हालांकि, भारत ने बाद में टैरिफ में कटौती की पुष्टि तो अवश्य की, लेकिन भारत-रूस के दीर्घकालिक ऊर्जा संबंधों के भविष्य को लेकर ट्रंप के दूसरे दावे को कभी स्वीकार नहीं किया। यह स्पष्ट करता है कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और विदेश नीति को लेकर स्वतंत्र निर्णय लेने में विश्वास रखता है।
ट्रंप के इन दावों के कुछ ही दिनों बाद, रूस की ज़खारोवा ने एक बार फिर बयान जारी करते हुए कहा कि ट्रंप यह ‘तानाशाही’ करने की कोशिश कर रहे थे कि एक स्वतंत्र राष्ट्र को क्या करना चाहिए। मॉस्को को इस बात पर रत्ती भर भी विश्वास नहीं है कि उसके ‘भारतीय मित्रों’ ने रूस के साथ अपने स्थापित ऊर्जा संबंधों पर अपना रुख बदल लिया है। ज़खारोवा ने आगे जोर देकर कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति का यह निर्धारित करने का प्रयास करना कि भारत जैसा एक स्वतंत्र देश किसके साथ व्यापार कर सकता है, बिल्कुल भी नया नहीं है। रूस के पास यह मानने का कोई ठोस कारण नहीं है कि हमारे भारतीय मित्रों ने अपनी स्थिति बदल दी है।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि संसाधनों का यह व्यापार भारत और रूस दोनों के लिए समान रूप से लाभकारी रहा है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, “हमें पूरा भरोसा है कि भारत द्वारा रूसी हाइड्रोकार्बन की खरीद दोनों देशों के लिए अत्यधिक फायदेमंद है और यह अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।” यह बयान भारत-रूस संबंधों की गहराई और परस्पर विश्वास को दर्शाता है, जो किसी भी बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होते।
* मॉस्को ने डोनाल्ड ट्रंप के भारत-रूस ऊर्जा व्यापार संबंधी दावों को सिरे से खारिज किया।
* रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने संप्रभु देशों के व्यापारिक अधिकारों पर बल दिया।
* ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत भारत द्वारा रूस से तेल खरीद बंद करने का दावा किया था।
* भारत ने टैरिफ कटौती की पुष्टि की, लेकिन रूस से तेल व्यापार रोकने के दावे को अस्वीकार किया।
* रूस ने अपने ‘भारतीय दोस्तों’ पर भरोसा जताया और ऊर्जा सहयोग को दोनों के लिए लाभदायक बताया।
* रूसी हाइड्रोकार्बन की खरीद को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
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- मॉस्को ने डोनाल्ड ट्रंप के भारत-रूस ऊर्जा व्यापार संबंधी दावों को सिरे से खारिज किया।
- रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने संप्रभु देशों के व्यापारिक अधिकारों पर बल दिया।
- ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत भारत द्वारा रूस से तेल खरीद बंद करने का दावा किया था।
- भारत ने टैरिफ कटौती की पुष्टि की, लेकिन रूस से तेल व्यापार रोकने के दावे को अस्वीकार किया।
- रूस ने अपने ‘भारतीय दोस्तों’ पर भरोसा जताया और ऊर्जा सहयोग को दोनों के लिए लाभदायक बताया।
- रूसी हाइड्रोकार्बन की खरीद को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
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स्रोत: Prabhasakshi
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