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अभय कुमार ने संभाला अज़रबैजान में राजदूत का कार्यभार, भारत-अज़रबैजान संबंध नई ऊं… Abhay Kumar India Azerbaijan Ambassador

Global story: Global update: भारतीय कूटनीति के एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, अनुभवी राजनयिक अभय कुमार ने अज़रबैजान गणराज्य में भारत के नए राजदूत के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके इस कार्यभार संभालने से दोनों देशों के बीच सदियों पुराने संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की उम्मीद है, जिससे भारत-अज़रबैजान संबंधों को एक नई दिशा मिलेगी।

मंगलवार को बाकू पहुंचने के बाद, अभय कुमार ने विधिवत रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन शुरू कर दिया। भारतीय दूतावास द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में इस घटनाक्रम की पुष्टि की गई, जिसमें बताया गया कि नामित राजदूत ने अज़रबैजान की राजधानी में अपना पदभार संभाल लिया है। यह महत्वपूर्ण नियुक्ति भारत की ‘एक्ट वेस्ट’ नीति और मध्य एशियाई क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, विशेषकर द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए।

अभय कुमार भारतीय विदेश सेवा के 2003 बैच के एक कुशल अधिकारी हैं, जिनके पास विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू पदों पर काम करने का व्यापक अनुभव है। अज़रबैजान में अपनी तैनाती से पहले, वे विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत थे। उनके करियर की शुरुआत 2005 में रूस में प्रथम सचिव के रूप में हुई, जहाँ उन्होंने 2010 तक सेवाएँ दीं। इसके उपरांत, उन्होंने 2012 से 2016 तक काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास में प्रथम सचिव के रूप में भी कार्य किया।

उनकी कूटनीतिक यात्रा में 2010 से 2012 तक अवर सचिव (लोक कूटनीति) का पद भी शामिल है, जहाँ उन्होंने भारतीय कूटनीति को डिजिटल मंचों पर स्थापित करने में अग्रणी भूमिका निभाई। हाल ही में, 2022 से 2025 तक, उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के उप महानिदेशक के रूप में कार्य किया। इस भूमिका में, उन्हें भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान आयोजित 300 से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सफल समन्वय का श्रेय दिया जाता है। बाकू रवाना होने से पहले, श्री कुमार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट की और उनसे अपना परिचय पत्र प्राप्त किया, जो किसी भी राजदूत के लिए एक औपचारिक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।

भारत और अज़रबैजान के संबंध सिर्फ राजनीतिक या आर्थिक नहीं, बल्कि सभ्यतागत और गहरे सांस्कृतिक समानताओं पर आधारित हैं। दोनों देश एक-दूसरे की संस्कृतियों के प्रति समझ और सम्मान के साझा मूल्यों को महत्व देते हैं, जो उनके द्विपक्षीय संबंधों की नींव है। हाल के वर्षों में, पर्यटन के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2024 में, अज़रबैजान में भारत से 243,589 पर्यटक पहुंचे, जो कि 2023 की तुलना में (जब यह संख्या 117,302 थी) 108% की प्रभावशाली वृद्धि दर्शाता है। यह आंकड़ा भारत को रूस और तुर्की के बाद अज़रबैजान के लिए पर्यटकों का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत बनाता है। यह प्रवृत्ति दोनों देशों के लोगों के बीच बढ़ते जुड़ाव और संबंधों की गहराई को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। श्री कुमार की नियुक्ति से व्यापार, संस्कृति और लोगों से लोगों के बीच संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए द्वार खुलने की उम्मीद है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

भारत और अज़रबैजान के बीच इस नए अध्याय के साथ, द्विपक्षीय सहयोग और मित्रता को एक नई दिशा मिलने की प्रबल संभावना है। Follow साधनान्यूज़.com for the latest updates.

  • अभय कुमार ने अज़रबैजान में भारत के नए राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती मिलेगी।
  • वे भारतीय विदेश सेवा के 2003 बैच के अनुभवी अधिकारी हैं, जिनके पास रूस और नेपाल में प्रथम सचिव के रूप में कार्य करने का व्यापक अंतर्राष्ट्रीय अनुभव है।
  • इससे पहले, उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के उप महानिदेशक के रूप में G-20 की भारत की अध्यक्षता के दौरान 300 से अधिक सांस्कृतिक आयोजनों का सफल समन्वय किया।
  • यह नियुक्ति भारत-अज़रबैजान के सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने में सहायक होगी, जिससे दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ेगा।
  • वर्ष 2024 में, अज़रबैजान आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में 108% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिससे भारत तीसरा सबसे बड़ा पर्यटक स्रोत बन गया।

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स्रोत: Prabhasakshi

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