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भारतीय विदेश नीति का बढ़ता प्रभाव: जयशंकर की अमेरिका यात्रा और क्रिटिकल मिनरल्स … Jaishankar Us Critical Minerals Diplomacy

World news: International spotlight: भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर का अचानक अमेरिका दौरा राजनयिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत वैश्विक व्यापार और कूटनीति में अपनी स्वतंत्र पहचान बना रहा है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्रिटिकल मिनरल्स पर होने वाली एक महत्वपूर्ण मंत्री स्तरीय बैठक में भाग लेना है, जो भविष्य में भारत-अमेरिका संबंधों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए अहम साबित हो सकती है।

पिछले कुछ समय से भारत ने अपनी विदेश और व्यापार नीति में एक सक्रिय बदलाव लाया है। अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्कों और व्यापारिक चुनौतियों के बावजूद, भारत ने न केवल उनका प्रभावी ढंग से मुकाबला किया है, बल्कि अमेरिकी व्यापार के विकल्प भी सफलतापूर्वक तलाशे हैं। भारत ने कई अन्य देशों के साथ लाभदायक व्यापारिक समझौते किए हैं, जिनमें से कुछ अमेरिका के पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी भी हैं। इस रणनीतिक पहल ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है और उसे वैश्विक मंच पर मजबूत स्थिति प्रदान की है।

उदाहरण के लिए, जब एक ओर अमेरिका और यूरोप के बीच संबंध तनावपूर्ण हो रहे थे, ठीक उसी समय भारत ने यूरोपीय संघ के साथ एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता भारत के लिए अत्यधिक लाभकारी सिद्ध हो रहा है और इसकी आर्थिक स्वायत्तता को दर्शाता है। भारत की यह आत्मनिर्भर और मुखर व्यापार नीति अमेरिकी प्रशासन को भी विचार करने पर मजबूर कर रही है।

ट्रंप प्रशासन, जो पहले भारत पर व्यापारिक प्रतिबंध लगाने को लेकर मुखर था, अब भारत के साथ अपने संबंधों को सुधारने के लिए उत्सुक दिख रहा है। हाल के महीनों में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों ने कई बार दिल्ली का दौरा किया है, और अमेरिका की ओर से लगातार ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि भारत पर लगाए गए व्यापारिक शुल्क जल्द ही कम किए जा सकते हैं। यह सब भारत की सशक्त होती कूटनीति का प्रमाण है।

इसी पृष्ठभूमि में, विदेश मंत्री एस. जयशंकर का अमेरिका दौरा और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। वह 2 फरवरी से 4 फरवरी तक तीन दिवसीय यात्रा पर अमेरिका में रहेंगे। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा बुलाई गई क्रिटिकल मिनरल्स पर मंत्री स्तरीय बैठक है। इस बैठक में जयशंकर अमेरिकी सरकार के वरिष्ठ सदस्यों के साथ भी विस्तृत चर्चा करेंगे।

**मुख्य बातें:**
* विदेश मंत्री एस. जयशंकर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर हैं।
* यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्रिटिकल मिनरल्स पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा आयोजित मंत्री स्तरीय बैठक में भाग लेना है।
* भारत ने अमेरिकी व्यापार शुल्कों का मुकाबला करने के लिए प्रभावी विकल्प और नई व्यापारिक रणनीतियाँ अपनाई हैं।
* भारत ने यूरोपीय संघ के साथ एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को लाभ हुआ है।
* अमेरिका अब भारत के साथ संबंधों को सुधारने और व्यापारिक बाधाएं कम करने के लिए उत्सुक है।
* क्रिटिकल मिनरल्स किसी भी देश की आर्थिक उन्नति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।

क्रिटिकल मिनरल्स वे खनिज पदार्थ हैं जो आधुनिक तकनीकों, जैसे इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों और उच्च-तकनीकी उपकरणों के उत्पादन के लिए आवश्यक होते हैं। इनकी कमी या अनुपलब्धता से किसी भी देश की आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे खनिजों के विकल्प खोजना बेहद मुश्किल होता है। इसलिए, इन महत्वपूर्ण संसाधनों पर वैश्विक सहयोग और आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत और अमेरिका दोनों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।

जयशंकर का यह दौरा भारत-अमेरिका के बीच भविष्य की प्रौद्योगिकी साझेदारी, आर्थिक सहयोग और वैश्विक रणनीतिक गठबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। यह दर्शाता है कि भारत वैश्विक शक्ति संतुलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और अपनी शर्तों पर अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को आकार देने में सक्षम है।

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  • विदेश मंत्री एस. जयशंकर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर हैं।
  • यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्रिटिकल मिनरल्स पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा आयोजित मंत्री स्तरीय बैठक में भाग लेना है।
  • भारत ने अमेरिकी व्यापार शुल्कों का मुकाबला करने के लिए प्रभावी विकल्प और नई व्यापारिक रणनीतियाँ अपनाई हैं।
  • भारत ने यूरोपीय संघ के साथ एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को लाभ हुआ है।
  • अमेरिका अब भारत के साथ संबंधों को सुधारने और व्यापारिक बाधाएं कम करने के लिए उत्सुक है।
  • क्रिटिकल मिनरल्स किसी भी देश की आर्थिक उन्नति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।

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स्रोत: Prabhasakshi

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