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भारत का बढ़ता वैश्विक दबदबा: आईएमएफ ने आर्थिक वृद्धि में अमेरिका को पछाड़कर भारत … India Overtakes Us Growth

Global update: International spotlight:

देश में आम बजट पेश होने के साथ ही, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत के लिए एक बेहद सकारात्मक आर्थिक रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन में हो रहे बड़े बदलावों की कहानी बयां करती है। आईएमएफ के नवीनतम अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2026 तक वैश्विक आर्थिक विकास में भारत का योगदान दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा होगा, जो इसकी बढ़ती आर्थिक ताकत को दर्शाता है।

इस भविष्यवाणी के तहत चीन पहले स्थान पर बरकरार रहेगा, लेकिन भारत ने अब संयुक्त राज्य अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जो भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति को रेखांकित करती है। चौंकाने वाली बात यह है कि चीन और भारत मिलकर वैश्विक वास्तविक जीडीपी वृद्धि में लगभग 44% का योगदान देने वाले हैं, जो दुनिया की आर्थिक गति को नई दिशा देगा।

आईएमएफ के अनुमानों के मुताबिक, 2026 में वैश्विक वास्तविक जीडीपी वृद्धि में चीन का योगदान लगभग 26.6% रहेगा, जबकि भारत 17% के साथ दूसरे नंबर पर अपनी जगह बनाएगा। इसकी तुलना में, अमेरिका का योगदान 9.9% रहने का अनुमान है। इसका सीधा मतलब है कि दुनिया की कुल आर्थिक प्रगति का लगभग 43.6% हिस्सा अकेले चीन और भारत मिलकर उत्पन्न करेंगे, जो आर्थिक विकास के लिए इन दो एशियाई दिग्गजों पर बढ़ती निर्भरता को उजागर करता है।

इस वैश्विक बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए, अरबपति उद्यमी एलन मस्क ने कहा, ‘दुनिया में शक्ति का संतुलन बदल रहा है।’ उनकी यह टिप्पणी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और बढ़ते व्यापारिक तनावों के बीच आई है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा चीन और भारत जैसे देशों पर लगाए गए कड़े टैरिफ उपाय भी शामिल हैं। मस्क द्वारा साझा किया गया चार्ट स्पष्ट रूप से वैश्विक आर्थिक शक्ति के पूर्व की ओर हो रहे इस महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है।

* आईएमएफ के अनुसार, 2026 तक भारत वैश्विक आर्थिक विकास में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता बनेगा।
* भारत ने इस सूची में संयुक्त राज्य अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है।
* चीन और भारत मिलकर वैश्विक वास्तविक जीडीपी वृद्धि में लगभग 44% का योगदान देंगे।
* 2026 में भारत का व्यक्तिगत योगदान 17% जबकि चीन का 26.6% रहने का अनुमान है।
* अमेरिका का योगदान 9.9% रहने की संभावना है।
* एलन मस्क ने इस बदलाव को ‘शक्ति संतुलन में परिवर्तन’ बताया।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वैश्विक विकास दर के लिए भी सकारात्मक अनुमान जारी किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में यह दर 3.3 प्रतिशत और 2027 में 3.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो अक्टूबर 2025 के पिछले अनुमान से थोड़ा बेहतर है। इस सुधरे हुए अनुमान का श्रेय मजबूत प्रौद्योगिकी निवेश, राजकोषीय और मौद्रिक समर्थन, अनुकूल वित्तीय स्थितियों और निजी क्षेत्र के लचीलेपन को दिया गया है। इन कारकों ने व्यापार नीति में बदलावों के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक स्थिर मार्ग पर चलने में मदद मिल रही है।

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  • आईएमएफ के अनुसार, 2026 तक भारत वैश्विक आर्थिक विकास में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता बनेगा।
  • भारत ने इस सूची में संयुक्त राज्य अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है।
  • चीन और भारत मिलकर वैश्विक वास्तविक जीडीपी वृद्धि में लगभग 44% का योगदान देंगे।
  • 2026 में भारत का व्यक्तिगत योगदान 17% जबकि चीन का 26.6% रहने का अनुमान है।
  • अमेरिका का योगदान 9.9% रहने की संभावना है।
  • एलन मस्क ने इस बदलाव को ‘शक्ति संतुलन में परिवर्तन’ बताया।

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स्रोत: Prabhasakshi

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