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गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय मेहमानों का ‘नमस्ते’ अंदाज़: भारतीय संस्कृति से हुए सराब… Eu Leaders Republic Day India

International spotlight: International spotlight: भारत के गौरवशाली गणतंत्र दिवस समारोह ने इस बार एक अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया, जब यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इन यूरोपीय नेताओं का भारतीय परंपरा के प्रति आत्मीय भाव और उत्साह देखते ही बन रहा था, जिसने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया।

भारत के गणतंत्र दिवस के अवसर पर, इन महत्वपूर्ण यूरोपीय हस्तियों का दिल्ली में भव्य स्वागत किया गया। राष्ट्रपति भवन पहुँचने पर, इन सम्मानित अतिथियों का शानदार गार्ड ऑफ ऑनर के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान उनकी प्रसन्नता उनके चेहरों पर साफ झलक रही थी। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद, दोनों यूरोपीय नेता भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रपति की विशेष बग्गी में सवार होकर, प्रेसिडेंट बॉडीगार्ड्स के साथ कर्तव्य पथ की ओर अग्रसर हुए।

कर्तव्य पथ पर पहुँचने पर, विदेशी मेहमानों का उत्साह चरम पर था। वे वहाँ उपस्थित जनसमूह और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। इसके बाद वे सलामी मंच की ओर बढ़े। राष्ट्रपति की बग्गी से उतरते समय, उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा दोनों ने भारतीय पारंपरिक शैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘नमस्ते’ कहकर अभिवादन किया। उनका यह देसी अंदाज़, जिसे ‘प्रधानमंत्री मोदी को नमस्ते’ की संज्ञा दी जा रही है, उपस्थित सभी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया।

इसी तरह, उन्होंने भारत के रक्षा मंत्री, उप रक्षा मंत्री, तीनों सेना प्रमुखों और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) से मुलाकात करते समय भी बारी-बारी से सभी को ‘नमस्ते’ कहा। ये तस्वीरें न केवल बेहद उत्साहवर्धक थीं, बल्कि उन्होंने यह भी दिखाया कि कैसे विदेशी मेहमान भारत आकर उसकी समृद्ध परंपराओं और संस्कृति में घुलमिल जाते हैं।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस अवसर पर अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनना उनके लिए जीवन भर का सम्मान है। उन्होंने भारत की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि एक सफल भारत विश्व को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है, और इसका लाभ हम सभी को मिलता है। उनका यह बयान भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और उसकी कूटनीतिक सफलता का प्रतीक है।

यह घटना न केवल भारत की मेहमानवाजी को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय परंपराओं की बढ़ती स्वीकार्यता को भी उजागर करती है। ऐसे क्षण दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देते हैं। Stay updated with साधनान्यूज़.com for more news.

  • यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत के गणतंत्र दिवस पर विशेष अतिथि थे।
  • राष्ट्रपति भवन में भव्य गार्ड ऑफ ऑनर के बाद, यूरोपीय नेता राष्ट्रपति की बग्गी में कर्तव्य पथ पहुँचे।
  • विदेशी मेहमानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य भारतीय गणमान्य व्यक्तियों को पारंपरिक ‘नमस्ते’ से अभिवादन किया।
  • उनके चेहरों पर भारत के प्रति उत्साह और खुशी साफ देखी जा सकती थी, जो भारतीय संस्कृति में उनके जुड़ाव को दर्शाती है।
  • उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि होना ‘जीवन भर का सम्मान’ बताया और भारत की सफलता को वैश्विक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण कहा।

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स्रोत: Prabhasakshi

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