एक नज़र में
- सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको ने व्हाइट हाउस प्रतिबंध के खिलाफ अदालत में याचिका दी।
- याचिका में प्रतिबंध को प्रेस स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया गया है।
- अदालत का अस्थायी रोक आदेश आठ अक्टूबर को समाप्त होना है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस महीने व्हाइट हाउस परिसर से प्रतिबंधित किए गए तीन समाचार संस्थानों ने संघीय अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको ने अनुरोध किया है कि मामले के अंतिम निपटारे तक इस प्रतिबंध पर रोक लगाई जाए।
इन संस्थानों ने आरोप लगाया है कि अदालत के आदेश के बावजूद प्रशासन इस प्रतिबंध को अप्रत्याशित और असंगत तरीके से लागू कर रहा है। याचिका में इस प्रतिबंध को प्रथम संशोधन में निहित प्रेस स्वतंत्रता और उचित कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन करार दिया गया है।
इससे पहले अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट न्यायाधीश टिमोथी केली ने ट्रंप के प्रतिबंध पर दो सप्ताह का अस्थायी रोक आदेश जारी किया था, जो आठ अक्टूबर को समाप्त होना है। व्हाइट हाउस का तर्क है कि परिसर तक पहुंच कोई अधिकार नहीं बल्कि विशेषाधिकार है।
खबर का संदर्भ
यह मामला अमेरिकी प्रशासन और प्रमुख मीडिया संस्थानों के बीच प्रेस की स्वतंत्रता और व्हाइट हाउस तक पहुंच के अधिकारों को लेकर चल रहे कानूनी विवाद को दर्शाता है।
