📅 12 अप्रैल 2026 | SadhnaNEWS Desk
🔑 मुख्य बातें
- ट्रंप प्रशासन ने ईरानी अधिकारियों से जुड़े लोगों के ग्रीन कार्ड रद्द किए।
- ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में शांति वार्ता जारी है।
- इस कदम से अमेरिका में रहने वाले ईरानी मूल के लोगों में डर का माहौल है।
वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ईरान के साथ संबंधों को लेकर एक और सख्त कदम उठाया था। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में लंबे समय से रह रहे ईरानी नागरिकों के ग्रीन कार्ड रद्द कर दिए, जिनका संबंध वर्तमान या पूर्व वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों से था। इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
विदेश विभाग ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि लॉस एंजिल्स क्षेत्र के मनोविज्ञान शिक्षक सैयद ईसा हाशमी, उनकी पत्नी और बेटे के खिलाफ कार्रवाई की गई है। ये सभी ईरान में जन्मे थे और अमेरिका के वैध स्थायी निवासी थे। हाशमी, मासूमेह इब्तेकर के बेटे हैं, जिन्होंने 1979 में तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर कब्जा करने वाले हमलावरों की प्रवक्ता के रूप में काम किया था और बाद में ईरान की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनीं थीं।
पिछले हफ्ते, अमेरिकी विदेश विभाग ने पूर्व इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के प्रमुख कासिम सुलेमानी की भतीजी और पोती के ग्रीन कार्ड रद्द कर दिए थे, जिनकी 2020 की शुरुआत में बगदाद में अमेरिकी हवाई हमले में मौत हो गई थी। इन कदमों को ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत देखा जा रहा है।
इस बीच, पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है। सूत्रों के अनुसार, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार रात इस्लामाबाद पहुंचा, जबकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल शनिवार सुबह पहुंचा। दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए यह वार्ता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीधी वार्ता के पहले दौर के समापन के बाद विदेश कार्यालय द्वारा एक बयान जारी किए जाने की संभावना है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और पश्चिम एशिया मामलों के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शामिल हैं। ईरान और अमेरिका के बीच यह वार्ता ग्लोबल स्तर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता की उम्मीदें बढ़ सकती हैं। संयुक्त राष्ट्र भी इस वार्ता पर नजर बनाए हुए है।
ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से अमेरिका में रहने वाले ईरानी मूल के लोगों में डर का माहौल है। कई लोगों को अपने भविष्य को लेकर चिंता है। हालांकि, विदेश विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ है, जिनका संबंध ईरानी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से है।
यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, खासकर जब विश्व शांति की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। देखना यह होगा कि इस वार्ता का क्या परिणाम निकलता है और दोनों देशों के बीच संबंध किस दिशा में जाते हैं।
🔍 खबर का विश्लेषण
यह खबर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को दर्शाती है। ग्रीन कार्ड रद्द करने का फैसला दोनों देशों के संबंधों को और खराब कर सकता है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में हो रही शांति वार्ता एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसकी सफलता की संभावना अनिश्चित है। इस घटनाक्रम का विश्व शांति और सुरक्षा पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ अमेरिका ने ईरानी नागरिकों के ग्रीन कार्ड क्यों रद्द किए?
ट्रंप प्रशासन ने उन ईरानी नागरिकों के ग्रीन कार्ड रद्द कर दिए हैं, जिनका संबंध वर्तमान या पूर्व वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों से है। इसे ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
❓ सैयद ईसा हाशमी कौन हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई?
सैयद ईसा हाशमी लॉस एंजिल्स क्षेत्र के मनोविज्ञान शिक्षक हैं और मासूमेह इब्तेकर के बेटे हैं, जिन्होंने 1979 में तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर कब्जा करने वाले हमलावरों की प्रवक्ता के रूप में काम किया था।
❓ ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता कहां हो रही है?
ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में हो रही है। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस वार्ता में भाग ले रहे हैं।
❓ इस वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कौन कर रहा है?
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा है। इस प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर भी शामिल हैं।
❓ इस घटनाक्रम का अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, खासकर जब विश्व शांति की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इससे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ सकता है।
📰 और पढ़ें:
Health Tips & Wellness | Latest National News | Technology Trends
हर अपडेट सबसे पहले पाने के लिए SadhnaNEWS.com को बुकमार्क करें।
Source: Agency Inputs
| Published: 12 अप्रैल 2026
