जलवायु परिवर्तन: अमेरिका की वापसी, ISA और भारत पर अंतर्राष्ट्रीय असर? Us Policy Impacts Climate Agreements
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जलवायु परिवर्तन: अमेरिका की वापसी, ISA और भारत पर अंतर्राष्ट्रीय असर? Us Policy Impacts Climate Agreements
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की बदलती विदेश नीति और जलवायु परिवर्तन पर उसके विवादास्पद दृष्टिकोण ने कई वैश्विक समझौतों को प्रभावित किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा जलवायु परिवर्तन को एक ‘साजिश’ मानने और इसे घरेलू नौकरियों के नुकसान से जोड़ने की धारणा ने महत्वपूर्ण वैश्विक निर्णय लिए हैं।
इसी सोच के तहत, अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (UNFCCC) और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) सहित लगभग 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संधियों से अपनी सदस्यता वापस ले ली है।
यह कदम, जो जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने के विश्वव्यापी प्रयासों के विपरीत है, सौर ऊर्जा के प्रोत्साहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे ISA जैसे संगठनों के लिए नई चुनौतियां खड़ी करता है।
भारत और फ्रांस की साझा पहल पर अस्तित्व में आया अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA), आज सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाला एक अहम अंतर-सरकारी संगठन बन चुका है।
करीब एक दशक पहले एक परिकल्पना के रूप में सामने आया यह गठबंधन अब संधि-आधारित स्वरूप ले चुका है और इसका लक्ष्य सौर ऊर्जा संपन्न देशों को एक साथ लाकर इस स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना है।
अमेरिका का ISA से बाहर होना निश्चित रूप से इस गठबंधन के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि अमेरिका एक प्रमुख आर्थिक शक्ति है और उसका समर्थन वित्तीय और तकनीकी दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होता।
भारत, जो ISA का संस्थापक सदस्य और एक प्रमुख नेतृत्वकर्ता है, पर भी इस निर्णय का असर पड़ सकता है।
यह घटनाक्रम न केवल ISA बल्कि संयुक्त राष्ट्र के तहत अन्य जलवायु संबंधी पहलों पर भी विदेश नीति के बदलते आयामों को दर्शाता है।
अमेरिका के इस रुख के बावजूद, भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अपनी प्रतिबद्धता बरकरार रखी है।
भारत के लिए यह एक अवसर हो सकता है कि वह ISA में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका को और मजबूत करे और अन्य सदस्य देशों के साथ मिलकर गठबंधन को आगे बढ़ाए, ताकि सौर ऊर्जा को ग्लोबल स्तर पर बढ़ावा देने का मूल उद्देश्य कमजोर न पड़े।
अंततः, अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बिना जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटना बेहद मुश्किल होगा।
- अमेरिका की जलवायु परिवर्तन पर विवादास्पद सोच और अंतर्राष्ट्रीय समझौतों से वापसी।
- भारत-फ्रांस की पहल, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) पर अमेरिकी वापसी का प्रभाव।
- भारत पर असर और वैश्विक सौर ऊर्जा लक्ष्यों के लिए ISA की भूमिका का पुनर्मूल्यांकन।
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Posted on 10 January 2026 | Follow साधनान्यूज़.com for the latest updates.
