एपस्टीन फाइल्स: अमेरिकी न्याय विभाग पर गंभीर आरोप, ट्रंप प्रशासन घेरे में Trump Doj Washington Stir
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एपस्टीन फाइल्स: अमेरिकी न्याय विभाग पर गंभीर आरोप, ट्रंप प्रशासन घेरे में Trump Doj Washington Stir
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में हाल ही में हुए घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और न्याय व्यवस्था में हलचल पैदा कर दी है।
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा कुख्यात फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों का अत्यधिक संपादित और सीमित संस्करण सार्वजनिक किए जाने के बाद तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
विपक्षी सांसदों ने इस कदम को “एपस्टीन ट्रांसपेरेंसी एक्ट” का स्पष्ट उल्लंघन बताया है, जिस कानून के तहत एक निर्धारित तिथि तक लगभग सभी संबंधित फाइलें सार्वजनिक की जानी थीं।
कैलिफोर्निया के डेमोक्रेट सांसद रो खन्ना, जिन्होंने रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी के साथ मिलकर एपस्टीन ट्रांसपेरेंसी एक्ट का सह-लेखन किया था, ने अपने एक वीडियो बयान में न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों की खामियों को उजागर किया है।
उनके अनुसार, ये दस्तावेज़ अधूरे हैं और उनमें अनावश्यक रूप से भारी रेडैक्शन (काट-छांट) किया गया है, जो न तो कानून की मूल भावना के अनुरूप है और न ही उसके अक्षरों का पालन करता है।
सांसद खन्ना ने स्पष्ट संकेत दिए कि न्याय विभाग के अधिकारियों के खिलाफ महाभियोग, कांग्रेस की अवमानना और न्याय में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोपों पर विचार किया जा रहा है।
यह मुद्दा अब केवल घरेलू नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि यह अमेरिकी न्याय प्रणाली की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
इस मामले को लेकर शनिवार को भी असंतोष कम नहीं हुआ; दरअसल, न्याय विभाग की वेबसाइट से बिना किसी स्पष्टीकरण के कुछ दस्तावेजों को हटा दिया गया, जिससे संदेह और गहरा गया।
इस घटना ने एक बार फिर सत्ता में बैठे लोगों की जवाबदेही और सार्वजनिक जानकारी तक पहुंच के अधिकार पर बहस छेड़ दी है, जिसका असर विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय विश्वास पर भी पड़ सकता है।
यह प्रकरण न केवल अमेरिकी घरेलू राजनीति बल्कि वैश्विक मंच पर भी ट्रंप प्रशासन की छवि के लिए चुनौतियां खड़ी कर रहा है।
- एपस्टीन फाइल्स का सीमित और heavily redacted संस्करण जारी।
- ट्रंप प्रशासन के न्याय विभाग पर कानून उल्लंघन के गंभीर आरोप।
- सांसदों ने न्याय विभाग अधिकारियों के खिलाफ महाभियोग का संकेत दिया।
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Posted on 22 December 2025 | Follow साधनान्यूज़.com for the latest updates.
