एक नज़र में
- बुखार या सर्दी होने पर भी स्तनपान कराना सुरक्षित है।
- मां के दूध के जरिए बच्चे तक एंटीबॉडीज पहुंचती हैं जो उसे सुरक्षा देती हैं।
- स्तनपान न कराने से मां के स्तनों में गांठें बन सकती हैं।
अक्सर नई माताओं को यह सलाह दी जाती है कि सर्दी, खांसी या बुखार होने पर उन्हें बच्चे को स्तनपान नहीं कराना चाहिए, क्योंकि इससे बच्चे के बीमार होने का खतरा रहता है।
गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. सोनिया गुप्ता ने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में इस धारणा को गलतफहमी बताया है। उनके अनुसार, सर्दी, खांसी और बुखार मां के दूध के जरिए बच्चे को ट्रांसफर नहीं होते हैं।
डॉक्टर का कहना है कि जब मां को बुखार होता है, तो उसके शरीर में उस बीमारी से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज बनती हैं। स्तनपान के जरिए ये एंटीबॉडीज बच्चे तक पहुंचती हैं और उसे बीमारियों से बचाने में मदद करती हैं।
यदि बुखार के डर से मां स्तनपान कराना बंद कर देती है, तो उसके स्तनों में गांठें बनने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सर्दी-जुकाम और बुखार की स्थिति में भी फीड करवाना आवश्यक है।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट स्वास्थ्य से जुड़े एक आम भ्रम को दूर करती है, जिसमें मां के बीमार होने पर स्तनपान रोकने की सलाह दी जाती है। स्रोत के अनुसार, स्तनपान के दौरान मां के शरीर में बनने वाली एंटीबॉडीज बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में सहायक होती हैं।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. क्या बुखार होने पर मां को स्तनपान कराना चाहिए?
हां, बुखार या सर्दी-खांसी होने पर भी मां को स्तनपान कराना जरूरी है क्योंकि इससे बीमारी बच्चे को ट्रांसफर नहीं होती।
02. बुखार में स्तनपान कराने से बच्चे को क्या लाभ मिलता है?
मां के शरीर में बीमारी से लड़ने वाली एंटीबॉडीज बनती हैं जो दूध के जरिए बच्चे तक पहुंचकर उसे बीमारियों से बचाने में सहायता करती हैं।
