ओवरथिंकिंग कैसे बिगाड़ती है पेट का स्वास्थ्य? दिमाग-आंत कनेक्शन उजागर! Overthinking Damages Digestive Health
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ओवरथिंकिंग कैसे बिगाड़ती है पेट का स्वास्थ्य? दिमाग-आंत कनेक्शन उजागर! Overthinking Damages Digestive Health
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में अत्यधिक सोचना (ओवरथिंकिंग) एक आम समस्या बन गई है, जिसका सीधा असर हमारे शारीरिक स्वास्थ्य, खासकर पाचन तंत्र पर पड़ता है।
अक्सर लोग पेट की गड़बड़ी को गलत खानपान से जोड़ते हैं, लेकिन असली वजह दिमाग में चल रहा तनाव और चिंता होती है।
परीक्षा, इंटरव्यू या किसी भावनात्मक तनाव के समय पेट में अचानक दर्द, गैस, एसिडिटी, पेट खराब होना या मतली महसूस होना कोई असामान्य बात नहीं है।
कई बार तो ऐसे में बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है या पेट जकड़ जाता है।
यह दिखाता है कि हमारा मानसिक स्वास्थ्य किस कदर हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
यह एक ऐसी बीमारी का संकेत हो सकता है जिसे लोग अक्सर अनदेखा कर देते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों के अनुसार, दिमाग और पेट के बीच एक गहरा और लगातार संवाद होता है, जिसे ‘गट-ब्रेन एक्सिस’ (आंत-मस्तिष्क धुरी) कहा जाता है।
जब हम ओवरथिंक करते हैं या तनाव में होते हैं, तो हमारा दिमाग तनाव हार्मोन छोड़ता है और तंत्रिका तंत्र के माध्यम से पेट को संकेत भेजता है।
ये संकेत पेट में रक्त प्रवाह, पाचन क्रिया और आंतों की गति को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे पेट में सूजन, दर्द और अन्य पाचन संबंधी बीमारी के लक्षण उभरते हैं।
इस संबंध को समझना शारीरिक फिटनेस बनाए रखने और कई पेट संबंधी समस्याओं के उपचार में महत्वपूर्ण है।
इस प्रकार, केवल खानपान पर ध्यान देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन भी स्वस्थ पाचन तंत्र और समग्र स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि कई बार पेट की समस्याओं का उपचार सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक स्तर पर भी होता है।
- ओवरथिंकिंग से पेट दर्द, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
- दिमाग और पेट के बीच ‘गट-ब्रेन एक्सिस’ एक गहरा संबंध स्थापित करता है।
- मानसिक तनाव का प्रबंधन ही स्वस्थ पाचन तंत्र का महत्वपूर्ण उपचार है।
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Posted on 27 December 2025 | Keep reading साधनान्यूज़.com for news updates.
