पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ पर गहराया विवाद: प्… Naravane Autobiography Controversy Deepens
National update: National update: पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे अपनी बहुप्रतीक्षित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर उठे विवाद के बीच अपनी चुप्पी तोड़ते हुए एक महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया है। उन्होंने मंगलवार को स्पष्ट किया कि उनकी यह पुस्तक अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा संसद में पुस्तक के अंशों का हवाला दिए जाने के बाद आया है, जिसके जवाब में प्रकाशक पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने भी अपनी स्थिति साफ की थी। जनरल नरवणे ने प्रकाशक के बयान का पूर्ण समर्थन किया, जिससे पुस्तक के प्रकाशन की स्थिति को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए, जनरल नरवणे ने संक्षेप में लिखा, “पुस्तक की स्थिति यह है।” उनका यह ट्वीट सीधे तौर पर पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा जारी किए गए विस्तृत स्पष्टीकरण के बाद आया है। प्रकाशक ने अपने बयान में जोर दिया कि हालांकि पुस्तक की घोषणा की गई थी और इसे प्री-ऑर्डर के लिए सूचीबद्ध भी किया गया था, लेकिन इसका प्रकाशन, वितरण या बिक्री अभी तक शुरू नहीं हुई है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कोई भी वितरित प्रतिलिपि अनधिकृत मानी जाएगी और कॉपीराइट का उल्लंघन होगी।
यह पूरा विवाद तब भड़का जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद में पुस्तक के कथित अंशों का उल्लेख किया और दावा किया कि यह ‘उपलब्ध’ है। अपने दावे को पुख्ता करने के लिए, राहुल गांधी ने जनरल नरवणे के 2023 के एक सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया था, जिसमें कथित तौर पर पुस्तक की उपलब्धता का जिक्र था। आज सुबह संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने जनरल एमएम नरवणे के उसी 2023 के ट्वीट का जिक्र करते हुए कहा था, “हेलो दोस्तों, मेरी किताब अब उपलब्ध है। बस लिंक पर। पढ़ने का आनंद लें, जय हिंद। यह श्री नरवणे का ट्वीट है। या तो वे झूठ बोल रहे हैं, जिस पर मुझे विश्वास नहीं है, या पेंग्विन (प्रकाशक) झूठ बोल रहा है। दोनों ही सच नहीं।”
यहां इस विवाद से जुड़े मुख्य बिंदु हैं:
* **जनरल नरवणे का स्पष्टीकरण:** पूर्व सेना प्रमुख ने पुष्टि की कि उनकी आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ अभी प्रकाशित नहीं हुई है।
* **प्रकाशक का बयान:** पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि पुस्तक की घोषणा और प्री-ऑर्डर सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन यह अभी तक बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है।
* **राहुल गांधी का आरोप:** कांग्रेस नेता ने संसद में पुस्तक के अंशों का हवाला देते हुए दावा किया था कि यह उपलब्ध है।
* **अनधिकृत प्रतियां:** प्रकाशक ने स्पष्ट किया कि कोई भी वितरित प्रति अनधिकृत होगी और कॉपीराइट का उल्लंघन करेगी।
* **”प्रकाशित” की परिभाषा:** पेंग्विन ने बताया कि पुस्तक को तभी प्रकाशित माना जाता है जब वह सभी खुदरा चैनलों पर बिक्री के लिए उपलब्ध हो।
पेंग्विन रैंडम हाउस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी एक विस्तृत बयान में ‘प्रकाशित’ शब्द की परिभाषा भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि किसी भी पुस्तक को ‘प्रकाशित’ तभी माना जाता है जब वह सभी खुदरा माध्यमों पर व्यापक रूप से बिक्री के लिए उपलब्ध हो। उनके अनुसार, “प्री-ऑर्डर प्रकाशन की एक मानक प्रक्रिया है, जो पाठकों और खुदरा विक्रेताओं को अग्रिम ऑर्डर देने की अनुमति देती है। एक घोषित पुस्तक, प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध पुस्तक और एक प्रकाशित पुस्तक एक ही चीज नहीं हैं।” प्रकाशक ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वे अपनी सभी प्रकाशित पुस्तकों में स्पष्टता और पारदर्शिता बनाए रखते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने पुस्तक प्रकाशन और उसकी सार्वजनिक उपलब्धता की परिभाषा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
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- पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने पुष्टि की कि उनकी आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ अभी प्रकाशित नहीं हुई है।
- प्रकाशक पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया कि पुस्तक की घोषणा और प्री-ऑर्डर एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन यह अभी तक बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है।
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में पुस्तक के कथित अंशों का हवाला देते हुए दावा किया था कि यह उपलब्ध है, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ।
- प्रकाशक ने चेतावनी दी है कि कोई भी वितरित प्रतिलिपि अनधिकृत होगी और कॉपीराइट का उल्लंघन करेगी।
- पेंग्विन रैंडम हाउस के अनुसार, पुस्तक को तभी ‘प्रकाशित’ माना जाता है जब वह सभी खुदरा चैनलों पर व्यापक रूप से बिक्री के लिए उपलब्ध हो।
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स्रोत: Prabhasakshi
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