प्रधानमंत्री मोदी की ‘परीक्षा पे चर्चा’: छात्रों को तकनीक का सही उपयोग और अभ्यास… Modi Pariksha Pe Charcha Students
India news: India news: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के नौवें संस्करण के दूसरे एपिसोड में देश भर से आए छात्रों से गहन संवाद किया। कोयंबटूर से छत्तीसगढ़ और फिर गुवाहाटी तक पहुंचे पीएम मोदी ने युवा मन को प्रेरित करने वाले कई महत्वपूर्ण संदेश दिए। इस दौरान उन्होंने तकनीक के सही इस्तेमाल, पढ़ाई के तरीकों और जीवन में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर विशेष बल दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि हमें कभी भी प्रौद्योगिकी का दास नहीं बनना चाहिए। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे तकनीक को अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के एक माध्यम के रूप में देखें, न कि उसे स्वयं पर हावी होने दें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पढ़ने के साथ-साथ लिखकर अभ्यास करने की आदत डालने का सुझाव दिया, जो परीक्षाओं में सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने बच्चों से यह भी कहा कि पहले निडर बनो, फिर स्वाभाविक रूप से नेता बन जाओगे।
‘परीक्षा पे चर्चा’ के इस सत्र में पीएम मोदी द्वारा साझा की गई कुछ प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:
* **कमजोर सहपाठियों की सहायता:** प्रधानमंत्री ने छात्रों को अपने उन सहपाठियों की मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया जो पढ़ाई में कमजोर हैं। उन्होंने कहा कि उनसे दोस्ती करें और उन्हें कठिन विषयों को समझने में सहायता करें। दूसरों को पढ़ाने से न केवल उनकी मदद होती है, बल्कि व्यक्ति स्वयं भी बेहतर तरीके से सीखता है और अवधारणाओं को मजबूत करता है।
* **परीक्षा के तनाव का प्रबंधन:** परीक्षा के समय उत्पन्न होने वाले तनाव को कम करने के उपाय बताते हुए पीएम ने कहा कि पुरानी परीक्षाओं के दिनों को याद करें। उस समय भी तनाव महसूस हुआ होगा, लेकिन परीक्षा समाप्त होने के बाद वह तनाव गायब हो गया था। तनाव मुक्ति का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप नियमित रूप से प्रश्न-पत्र हल करने और लिखने का अभ्यास करें। यह आदत आपको आत्मविश्वास प्रदान करेगी और तनाव को दूर रखेगी।
* **छात्र की दृष्टि से भ्रमण:** छुट्टियां बिताने के दौरान भी सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखने का आग्रह करते हुए पीएम ने कहा कि आप जहां भी जाएं, एक छात्र की जिज्ञासा के साथ जाएं। अपनी तहसील, जिले और फिर राज्य को इस नजर से देखें कि आप लगातार कुछ नया सीख सकें। यह आपको दुनिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा।
* **निडरता से नेतृत्व की ओर:** पीएम मोदी ने नेतृत्व क्षमता विकसित करने का एक सरल मंत्र दिया – पहले निडर बनो। उन्होंने कहा कि मन में यह निश्चय करें कि कोई और करे या न करे, आप उस काम को अवश्य करेंगे। जब आप यह सोचना शुरू कर देंगे, तो आप देखेंगे कि आप में स्वतः ही नेतृत्व के गुण विकसित हो जाएंगे। उन्होंने एक उदाहरण दिया कि यदि आप कहीं कूड़ा देखते हैं और उसे उठा लेते हैं, तो आपको देखकर अन्य लोग भी ऐसा ही करने लगेंगे।
गौरतलब है कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ का पहला एपिसोड 6 फरवरी को जारी हुआ था, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली स्थित अपने आवास पर छात्रों से संवाद किया था। उस दौरान उन्होंने असम का गमछा पहना था और उनके सवालों के जवाब दिए थे। पहले एपिसोड में पीएम मोदी ने छात्रों को स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और अगले 25 वर्षों में ‘विकसित भारत’ के निर्माण को अपना स्वप्न बनाने की सलाह भी दी थी।
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- तकनीक को क्षमताओं के विकास का माध्यम बनाएं, उसका गुलाम न बनें।
- पढ़ने के साथ-साथ लिखकर अभ्यास करने की आदत डालें, यह तनाव कम करने में सहायक है।
- कमजोर सहपाठियों की मदद करें; दूसरों को पढ़ाने से स्वयं भी बेहतर सीखते हैं।
- परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए नियमित रूप से प्रश्न-पत्र हल करें।
- यात्रा करते समय एक छात्र की दृष्टि से अवलोकन करें और सीखें।
- निडर बनकर स्वयं में नेतृत्व गुणों का विकास करें, पहल करने से लोग अनुसरण करते हैं।
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स्रोत: Dainik Bhaskar
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