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संसद सत्र में गतिरोध: विपक्ष के हंगामे से लोकसभा 9 फरवरी तक स्थगित, बिट्टू बोले-… Lok Sabha Adjourned Opposition Uproar

India news: National update: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चल रहे संसद सत्र के दौरान शुक्रवार को लोकसभा में विपक्षी दलों के तीव्र हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई। केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रस्तावित आम चर्चा से पहले ही सदन में शोरगुल और नारेबाजी शुरू हो गई, जिसके चलते पीठासीन अधिकारी को सदन को बार-बार स्थगित करना पड़ा। यह गतिरोध भारतीय संसद में चल रही राजनीतिक गहमागहमी और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच बढ़ती असहमति को दर्शाता है।

सुबह प्रश्नकाल के निर्धारित समय पर कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। महज तीन मिनट के भीतर ही स्थिति को देखते हुए पीठासीन अधिकारी ने सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। जब दोपहर 12 बजे लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो उम्मीद थी कि बहस आगे बढ़ेगी, लेकिन विपक्ष का हंगामा और जोरदार हो गया। लगातार सात मिनट तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन जारी रहा, जिसके बाद पीठासीन अधिकारी के पास सदन को आगामी 9 फरवरी तक के लिए स्थगित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

वहीं, दूसरी ओर, राज्यसभा की कार्यवाही सामान्य रूप से जारी रही। इस दौरान, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष किया। बिट्टू ने कहा कि “कल सबने उन्हें बालक कहा।” उन्होंने आगे सलाह देते हुए कहा, “आज प्रधानमंत्री की एक पाठशाला थी, जिसमें बच्चों को कामयाब होने के गुर सिखाए गए। अगर राहुल गांधी भी प्रधानमंत्री की उस पाठशाला में शामिल हो जाएं, तो वे निश्चित रूप से अपने जीवन में कामयाब हो जाएंगे।” यह टिप्पणी राहुल गांधी के हालिया बयानों और राजनीतिक रुख पर एक सीधी प्रतिक्रिया मानी जा रही है।

* लोकसभा में शुक्रवार को विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई।
* प्रश्नकाल के दौरान नारेबाजी शुरू हुई, जिससे सदन को दो बार स्थगित करना पड़ा।
* सुबह की कार्यवाही मात्र 3 मिनट चली, जबकि दोपहर की कार्यवाही 7 मिनट बाद स्थगित करनी पड़ी।
* अंततः लोकसभा को आगामी 9 फरवरी तक के लिए निलंबित कर दिया गया।
* केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी को ‘प्रधानमंत्री की पाठशाला’ में जाने की सलाह दी।
* राज्यसभा की कार्यवाही अपेक्षाकृत सामान्य ढंग से जारी रही।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पारित कर दिया गया था। लोकसभा में यह प्रस्ताव 2004 के बाद पहली बार ऐसा मौका था जब प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पारित किया गया। दूसरी ओर, राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद ही इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकी। ये घटनाएँ भारतीय संसद के मौजूदा सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते तनाव और असहमति को स्पष्ट रूप से उजागर करती हैं, जो महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को प्रभावित कर सकती हैं।

संसद में इस तरह का गतिरोध देश के महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को प्रभावित कर सकता है। आगामी दिनों में देखना होगा कि क्या विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच सहमति बन पाती है ताकि संसदीय कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सके। Stay updated with साधनान्यूज़.com for more news.

  • लोकसभा में शुक्रवार को विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई।
  • प्रश्नकाल के दौरान नारेबाजी शुरू हुई, जिससे सदन को दो बार स्थगित करना पड़ा।
  • सुबह की कार्यवाही मात्र 3 मिनट चली, जबकि दोपहर की कार्यवाही 7 मिनट बाद स्थगित करनी पड़ी।
  • अंततः लोकसभा को आगामी 9 फरवरी तक के लिए निलंबित कर दिया गया।
  • केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी को ‘प्रधानमंत्री की पाठशाला’ में जाने की सलाह दी।
  • राज्यसभा की कार्यवाही अपेक्षाकृत सामान्य ढंग से जारी रही।

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स्रोत: Dainik Bhaskar

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