उत्तराखंड कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय: स्वास्थ्यकर्मियों को राहत, औद्योगिक विका… Uttarakhand Cabinet Key Decisions
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बुधवार को देहरादून स्थित सचिवालय में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न आयामों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। मंत्रिमंडल ने कुल आठ अहम प्रस्तावों को अपनी स्वीकृति प्रदान की, जिनका सीधा प्रभाव प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र, भूमि प्रबंधन और औद्योगिक प्रगति पर पड़ेगा। इन फैसलों को प्रदेश की उन्नति में मील का पत्थर माना जा रहा है।
सबसे पहले, मंत्रिमंडल ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखंड के अंतर्गत कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों के लिए एक बड़ा कल्याणकारी निर्णय लिया है। ऐसे कर्मचारी, जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में कम से कम पाँच वर्षों की संतोषजनक सेवा पूरी कर ली है, उन्हें अपने संपूर्ण सेवाकाल में एक बार आपसी सहमति (म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग) के आधार पर जनपद परिवर्तन की अनुमति दी जाएगी। यह निर्णय हजारों स्वास्थ्यकर्मियों को राहत प्रदान करेगा और उन्हें अपने पारिवारिक तथा व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार कार्यस्थल का चयन करने का अवसर देगा, जिससे उनके मनोबल और कार्यक्षमता में निश्चित रूप से सुधार आएगा।
इसके पश्चात, राज्य में विभिन्न लघु, मध्यम और वृहद परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता को सुगम बनाने हेतु एक नई एवं प्रभावी प्रक्रिया को स्वीकृति दी गई। यह प्रक्रिया भू-स्वामियों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि प्राप्त करने पर केंद्रित है। ‘भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013’ के तहत भूमि अधिग्रहण में लगने वाले अत्यधिक समय और कानूनी जटिलताओं को कम करने के उद्देश्य से इस नई व्यवस्था को लागू किया गया है। इसका लक्ष्य सीधे भूमि खरीद को प्रोत्साहित करना है, जिससे मुकदमेबाजी जैसे मामलों में कमी आएगी और सार्वजनिक हित की परियोजनाओं की लागत भी नियंत्रित होगी। यह कदम राज्य में निवेश और विकास परियोजनाओं को गति देगा।
* **उत्तराखंड कैबिनेट ने आठ अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी।**
* **चिकित्सा स्वास्थ्य कर्मियों को एक बार आपसी सहमति से जनपद परिवर्तन की सुविधा।**
* **राज्य में विकास परियोजनाओं हेतु भू-स्वामियों से समझौते पर आधारित नई भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया।**
* **यह नई प्रक्रिया भूमि अधिग्रहण में लगने वाले समय और लागत को कम करेगी।**
* **उधमसिंहनगर के प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि के औद्योगिक हस्तांतरण संबंधी शासनादेश में संशोधन।**
* **औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए भूमि उपयोग की शर्तों में बदलाव का फैसला।**
अंतिम महत्वपूर्ण फैसले में, जनपद उधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान के रूप में विकसित करने के लिए सिडकुल (औद्योगिक विकास विभाग) को हस्तांतरित किया गया था। इस संबंध में जारी शासनादेश संख्या 670, दिनांक 25 मार्च, 2025 में संशोधन को भी मंत्रिमंडल ने अपनी मुहर लगाई है। यह संशोधन विशेष रूप से शासनादेश की शर्त संख्या-च से संबंधित है, जिसमें कहा गया था कि आवंटित भूमि को किसी व्यक्ति, संस्थान या संगठन को बेचने, पट्टे पर देने अथवा किसी अन्य प्रकार से हस्तांतरित करने का अधिकार पट्टेदार को नहीं होगा। साथ ही, भूमि का उपयोग आवंटन की तिथि से तीन वर्ष की अवधि में पूर्ण करना अनिवार्य था। इस संशोधन का लक्ष्य औद्योगिक विकास को और अधिक लचीलापन प्रदान करना तथा निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करना है, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
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- उत्तराखंड कैबिनेट ने आठ अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी।
- चिकित्सा स्वास्थ्य कर्मियों को एक बार आपसी सहमति से जनपद परिवर्तन की सुविधा।
- राज्य में विकास परियोजनाओं हेतु भू-स्वामियों से समझौते पर आधारित नई भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया।
- यह नई प्रक्रिया भूमि अधिग्रहण में लगने वाले समय और लागत को कम करेगी।
- उधमसिंहनगर के प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि के औद्योगिक हस्तांतरण संबंधी शासनादेश में संशोधन।
- औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए भूमि उपयोग की शर्तों में बदलाव का फैसला।
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स्रोत: Khabar Devbhoomi
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