महाराष्ट्र में सियासी हलचल: शरद पवार का बड़ा खुलासा – ‘अजित भी चाहते थे NCP का व… Pawar Reveals Ncp Unity Bid
India news: India news: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर गरमागरमी तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संस्थापक शरद पवार ने शनिवार को एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि पार्टी के दोनों धड़ों का विलय दरअसल अजित पवार की भी इच्छा थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह इच्छा जरूर पूरी होनी चाहिए। पवार के इस बयान ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, खासकर तब जब उनके बारामती स्थित आवास पर परिवार की एक महत्वपूर्ण बैठक जारी है।
शरद पवार ने बताया कि अजित पवार, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने दोनों गुटों के एकीकरण को लेकर शुरुआती बातचीत शुरू की थी। उनके अनुसार, इस विलय की आधिकारिक घोषणा 12 फरवरी को होनी थी, लेकिन दुर्भाग्यवश, घोषणा से पहले ही अजित पवार ने राजनीतिक रूप से अलग राह चुन ली। सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार ने 17 जनवरी को बारामती में शरद पवार से मुलाकात की थी, जिसमें कथित तौर पर विलय पर विस्तृत चर्चा हुई थी। इस मुलाकात का एक वीडियो भी सामने आया था, जो इन दावों को पुख्ता करता है।
उधर, शनिवार सुबह शरद पवार के बारामती स्थित निवास पर पवार परिवार की एक अहम बैठक चल रही है। इस बैठक में सुप्रिया सुले, रोहित पवार, युगेन्द्र पवार और स्वयं शरद पवार जैसे प्रमुख सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा, शरद गुट के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी इस अहम विचार-विमर्श का हिस्सा बनने पहुंचे हैं।
NCP के संभावित विलय को लेकर विभिन्न नेताओं के दावे सामने आए हैं, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाते हैं:
* अजित पवार के करीबी किरण गुजर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि वे दोनों गुटों को एकजुट करने के लिए पूरी तरह से उत्साहित थे। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में विलय की घोषणा होने वाली थी। गुजर के अनुसार, अजित के पास एक एकजुट राकांपा के भविष्य के लिए एक स्पष्ट ‘रोडमैप’ तैयार था।
* राकांपा के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने भी इस बात की पुष्टि की कि अजित दादा के साथ विलय को लेकर उनकी कई बैठकें हुई थीं। पाटिल के मुताबिक, अजित इस मामले में बेहद सकारात्मक थे और जिला परिषद चुनाव के बाद इस पर अंतिम फैसला होना था। अजित दादा ने सुझाव दिया था कि पहले स्थानीय निकाय चुनाव गठबंधन में लड़े जाएं और विलय का निर्णय चुनाव परिणामों के बाद लिया जाए।
* एनसीपी (शरद गुट) के नेता एकनाथ खड़से ने एएनआई को बताया कि एनसीपी के दोनों धड़े निश्चित रूप से एक साथ आएंगे। उनके अनुसार, विलय पहले से ही तय हो चुका था।
शरद गुट के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि राजनीतिक अलगाव से पहले, राकांपा के दोनों पक्ष विलय की बातचीत के उन्नत चरण में थे। योजना यह थी कि जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के समापन के तुरंत बाद विलय की घोषणा कर दी जाएगी। अजित की रणनीति यह थी कि स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान माहौल का आकलन किया जाए और उसके बाद पूरी तरह से विलय की घोषणा की जाए।
महाराष्ट्र की राजनीति में यह घटनाक्रम कई सवाल खड़े करता है और आने वाले समय में इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं। भविष्य के राजनीतिक समीकरणों पर नज़र रखने के लिए साधनान्यूज़.com से जुड़े रहें।
- शरद पवार ने खुलासा किया कि दोनों NCP धड़ों का विलय अजित पवार की भी इच्छा थी।
- विलय की घोषणा के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की गई थी।
- अजित पवार, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने विलय पर शुरुआती बातचीत की थी।
- बारामती में शरद पवार के घर पर परिवार की एक महत्वपूर्ण बैठक जारी है, जिसमें वरिष्ठ नेता शामिल हैं।
- तीन प्रमुख नेताओं ने विलय संबंधी बातचीत और अजित पवार की सकारात्मकता की पुष्टि की है।
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स्रोत: Dainik Bhaskar
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