एक नज़र में
- एलन मस्क ने मुकेश अंबानी पर भारत में स्टारलिंक की एंट्री रोकने का कटाक्ष किया।
- राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर मस्क की पोस्ट का जवाब दिया।
- केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि सैटेलाइट सेवाओं के नियम सभी के लिए एक समान हैं।
एलन मस्क ने सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक की भारत में एंट्री को लेकर रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी पर कटाक्ष किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि भारत में उनका इतना प्रभाव है और स्पेक्ट्रम का आवंटन ऐसा होना चाहिए जिससे किसी एक कंपनी का वर्चस्व न रहे।
मस्क का आरोप है कि उनकी कंपनी पिछले पांच साल से भारत सरकार के नियमों का पालन कर रही है, फिर भी लाइसेंस मिलने में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि इससे देश के दूर-दराज के इलाकों में इंटरनेट पहुंचाने में रुकावट आ रही है।
इस मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत में आपका स्वागत है और दूसरे शख्स के मिलने तक इंतजार कीजिए। वहीं केंद्र सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के नियम सभी के लिए समान हैं और भेदभाव के आरोप गलत हैं।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट एलन मस्क और भारतीय उद्योगपतियों के बीच सैटेलाइट इंटरनेट लाइसेंस को लेकर सामने आए बयानों पर आधारित है। इसमें सरकारी नियमों और बाजार प्रतिस्पर्धा पर चर्चा की गई है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. स्टारलिंक क्या है?
स्टारलिंक स्पेसएक्स का एक प्रोजेक्ट है जो सैटेलाइट्स के जरिए इंटरनेट सेवा प्रदान करता है।
