एक नज़र में
- अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं
- पब्लिक प्रोविडेंट फंड पर 7.1% और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% ब्याज जारी रहेगा
- यह लगातार 11वीं तिमाही है जब स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की दरों में बदलाव नहीं हुआ है
सरकार ने वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया है। इन छोटी बचत योजनाओं में पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी स्कीम शामिल हैं।
यह लगातार ग्याहरवां मौका है जब सरकार ने इन योजनाओं की ब्याज दरों में कोई फेरबदल नहीं किया है। इससे पहले दरों में आखिरी बार बढ़ोतरी की गई थी। समीक्षा के बाद तय आंकड़ों के अनुसार पीपीएफ पर 7.1 प्रतिशत और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2 प्रतिशत ब्याज मिलता रहेगा।
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा हर तीन महीने यानी तिमाही आधार पर की जाती है। इन योजनाओं की दरें तय करने के लिए श्यामला गोपीनाथ समिति ने फॉर्मूला सुझाया था, जिसके तहत दरें समान मैच्योरिटी वाले सरकारी बॉन्ड यील्ड से अधिक रखी जाती हैं।
देश में हाउसहोल्ड सेविंग के प्रमुख स्रोत के रूप में इन योजनाओं का बड़ा योगदान है। इन सभी छोटी बचत योजनाओं से प्राप्त होने वाले कुल कलेक्शन को नेशनल स्मॉल सेविंग्स फंड में जमा किया जाता है।
खबर का संदर्भ
सरकार द्वारा हर तिमाही में छोटी बचत योजनाओं की समीक्षा की जाती है, और इस बार भी दरों को स्थिर रखा गया है। यह निर्णय देश में नकदी और महंगाई की स्थिति को ध्यान में रखकर लिया जाता है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. पब्लिक प्रोविडेंट फंड पर कितना ब्याज मिल रहा है?
पीपीएफ पर 7.1 प्रतिशत ब्याज मिलता रहेगा।
02. सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर क्या है?
सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2 प्रतिशत ब्याज मिलता रहेगा।