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इंडिगो फ्लाइट्स महंगी: घरेलू किराया ₹950 और इंटरनेशनल ₹10,000 तक बढ़ा

उद्योग
📅 03 अप्रैल 2026 | SadhnaNEWS Desk

इंडिगो फ्लाइट्स महंगी: घरेलू किराया ₹950 और इंटरनेशनल ₹10,000 तक बढ़ा - SadhnaNEWS Hindi News


🔑 मुख्य बातें

  • इंडिगो ने घरेलू उड़ानों में अधिकतम ₹950 और इंटरनेशनल उड़ानों में ₹10,000 तक फ्यूल चार्ज बढ़ाया।
  • यह फैसला एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण लिया गया है, जो पिछले महीने 130% बढ़ी हैं।
  • सरकार ने डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए ऑपरेशन कॉस्ट का सिर्फ 25% बढ़ाने की अनुमति दी है, जिससे यात्रियों पर पूरा भार नहीं पड़ेगा।

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने गुरुवार से अपनी फ्लाइट्स के किराए में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने घरेलू उड़ानों पर अधिकतम ₹950 और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर ₹10,000 तक का अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाया है। यह फैसला एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के कारण लिया गया है। नई दरें 2 अप्रैल को रात 12:01 बजे से लागू हो गई हैं।

इंडिगो ने बीते 18 दिनों में दूसरी बार घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे पहले, कंपनी ने 14 मार्च को भी किराए में बढ़ोतरी की थी। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में फ्यूल की कीमतों में 130% से अधिक की वृद्धि हुई है, जिससे एयरलाइन कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है। इस कारण से कंपनी ने यह कदम उठाया है।

इंडिगो के अनुसार, फ्यूल चार्ज को दूरी के हिसाब से ‘री-कैलिब्रेट’ किया गया है। इसका मतलब है कि यात्री जितनी लंबी दूरी की यात्रा करेंगे, उन्हें टिकट के लिए उतना ही अधिक फ्यूल चार्ज देना होगा। जेट फ्यूल की कीमतों में वृद्धि के कारण एयरलाइन कंपनियों की ऑपरेशन कॉस्ट बढ़ गई है। कंपनियाँ इस खर्च का भार यात्रियों से वसूलने की योजना बना रही हैं।

हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को पूरा बोझ ग्राहकों पर डालने से रोक दिया है। सरकार ने अभी डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए ऑपरेशन कॉस्ट का सिर्फ 25% बढ़ाने की अनुमति दी है। बुधवार को राज्यसभा में विमान ईंधन (ATF) पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव पास किया गया। इस प्रस्ताव के तहत 26 मार्च 2026 के नोटिफिकेशन को मंजूरी दी गई है।

अब फाइनेंस एक्ट 2002 में बदलाव करके एटीएफ पर ₹50 प्रति लीटर की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाई जाएगी। एयरलाइंस के लिए जेट-फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से अधिक होती है। जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों को भी वापस ले लिया है। इसका सीधा असर शेयर मार्केट और निवेश पर भी देखने को मिल सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस किराए में बढ़ोतरी से यात्रियों की जेब पर असर पड़ेगा, लेकिन एयरलाइन कंपनियों के लिए यह जरूरी था। यदि ईंधन की कीमतें आगे भी बढ़ती रहीं, तो हवाई यात्रा और भी महंगी हो सकती है। इस स्थिति में उद्योग को सरकार से राहत की उम्मीद है, ताकि हवाई यात्रा आम लोगों के लिए सुलभ बनी रहे। वित्त मंत्रालय को इस बारे में उचित कदम उठाने चाहिए।

ऐसे में देखना यह होगा कि क्या सरकार एयरलाइंस और यात्रियों के हित में कोई और कदम उठाती है या नहीं। फिलहाल, यात्रियों को बढ़ी हुई कीमतों के साथ यात्रा करने के लिए तैयार रहना होगा। इस खबर का असर निवेश के माहौल पर भी पड़ सकता है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

🔍 खबर का विश्लेषण

यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे तौर पर हवाई यात्रा करने वाले आम लोगों को प्रभावित करती है। ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर न केवल यात्रियों की जेब पर पड़ेगा, बल्कि एयरलाइन उद्योग और संबंधित क्षेत्रों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। इससे निवेश और शेयर मार्केट में भी अस्थिरता आ सकती है। सरकार के फैसले और आगे की स्थितियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ इंडिगो ने किराए में बढ़ोतरी क्यों की?

इंडिगो ने किराए में बढ़ोतरी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के कारण की है। पिछले एक महीने में फ्यूल की कीमतें 130% से अधिक बढ़ गई हैं।

❓ नई कीमतें कब से लागू होंगी?

इंडिगो की नई कीमतें 2 अप्रैल को रात 12:01 बजे से लागू हो गई हैं। इसके बाद बुक की गई सभी टिकटों पर बढ़ा हुआ किराया लागू होगा।

❓ घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों में कितनी बढ़ोतरी हुई है?

इंडिगो ने घरेलू उड़ानों में अधिकतम ₹950 और इंटरनेशनल उड़ानों में ₹10,000 तक का अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाया है। यह बढ़ोतरी दूरी के आधार पर अलग-अलग होगी।

❓ क्या सरकार ने एयरलाइंस को पूरा बोझ यात्रियों पर डालने की अनुमति दी है?

नहीं, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को पूरा बोझ ग्राहकों पर डालने से रोक दिया है। सरकार ने अभी डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए ऑपरेशन कॉस्ट का सिर्फ 25% बढ़ाने की अनुमति दी है।

❓ जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी का एयरलाइंस पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी से एयरलाइन कंपनियों की ऑपरेशन कॉस्ट बढ़ जाएगी। इससे न केवल टिकट के दाम बढ़ेंगे, बल्कि कंपनियों के वित्तीय अनुमानों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।

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Source: Agency Inputs
 |  Published: 03 अप्रैल 2026

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