Headlines

मेटा का नया कदम: अब छोटे बच्चे भी चला सकेंगे वॉट्सएप, पेरेंट कंट्रोल होगा

उद्योग
📅 13 मार्च 2026 | SadhnaNEWS Desk

मेटा का नया कदम: अब छोटे बच्चे भी चला सकेंगे वॉट्सएप, पेरेंट कंट्रोल होगा - SadhnaNEWS Hindi News


🔑 मुख्य बातें

  • मेटा ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए वॉट्सएप का ‘पेरेंट-मैनेज्ड’ अकाउंट मॉडल पेश किया है।
  • माता-पिता अपने बच्चों के वॉट्सएप अकाउंट को पूरी तरह से नियंत्रित कर सकेंगे, जिसमें कॉन्टैक्ट लिस्ट और प्राइवेसी सेटिंग्स शामिल हैं।
  • बच्चों के मैसेज ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ से सुरक्षित रहेंगे, लेकिन पेरेंट्स प्राइवेसी सेटिंग्स को ‘पेरेंट पिन’ से लॉक कर सकेंगे।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया दिग्गज मेटा ने एक बड़ा फैसला लेते हुए वॉट्सएप के ‘पेरेंट-मैनेज्ड’ अकाउंट मॉडल को पेश किया है। इस नए फीचर के आने के बाद अब 13 साल से कम उम्र के बच्चे भी वॉट्सएप का इस्तेमाल कर पाएंगे। पहले वॉट्सएप इस्तेमाल करने की न्यूनतम उम्र 13 साल थी, लेकिन अब माता-पिता की निगरानी में छोटे बच्चे भी इस एप का उपयोग कर सकेंगे।

मेटा के अनुसार, यह नया फीचर एक्सपर्ट्स और परिवारों के सुझावों के बाद तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित तरीके से मैसेजिंग और कॉलिंग की सुविधा देना है। माता-पिता या अभिभावक अपने बच्चों के अकाउंट को पूरी तरह से कंट्रोल कर पाएंगे, जिससे बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। इस नए मॉडल को लेकर कंपनी का मानना है कि यह बच्चों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान करने में सहायक होगा।

वॉट्सएप के इस ‘पेरेंट-मैनेज्ड’ अकाउंट के तहत, माता-पिता यह तय कर सकेंगे कि उनका बच्चा किससे बात कर सकता है और किससे नहीं। वे कॉन्टैक्ट लिस्ट को मैनेज करेंगे और अनजान लोगों से संपर्क करने या रैंडम ग्रुप्स में जुड़ने पर पाबंदी लगा सकेंगे। प्राइवेसी सेटिंग्स को बदलने का अधिकार भी केवल माता-पिता के पास होगा। हालांकि, बच्चों के मैसेज ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ से सुरक्षित रहेंगे, जिसका मतलब है कि पेरेंट्स उन्हें अपनी डिवाइस से नहीं पढ़ पाएंगे।

कंपनी ने प्राइवेसी सेटिंग्स को लॉक करने के लिए ‘पेरेंट पिन’ का फीचर भी दिया है, जिससे बच्चों की सुरक्षा और भी मजबूत हो जाएगी। इस नए फीचर के लिए बच्चों को अलग सिम कार्ड या फोन की जरूरत होगी या नहीं, इस पर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है। लेकिन, यह स्पष्ट है कि मेटा का यह कदम बच्चों को सुरक्षित डिजिटल अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस कदम से न केवल बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकेगा, बल्कि माता-पिता भी अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रख पाएंगे।

यह बदलाव इसलिए भी किया गया है क्योंकि कई बच्चे पहले से ही चोरी-छिपे वॉट्सएप का इस्तेमाल कर रहे थे। एक्सपर्ट्स की सलाह पर यह ‘मैनेज्ड मॉडल’ लाया गया है ताकि बच्चे सुरक्षित तरीके से चैटिंग कर सकें। मेटा का यह नया कदम उद्योग जगत में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगा, क्योंकि यह बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस नए मॉडल को अभिभावकों और बच्चों द्वारा कैसा प्रतिसाद मिलता है।

वॉट्सएप के इस नए फीचर का असर शेयर मार्केट और निवेश पर भी पड़ सकता है, क्योंकि यह मेटा की छवि को और मजबूत करेगा। विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से मेटा के प्रति निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और यह कंपनी के वित्त को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

भविष्य में, मेटा इस ‘पेरेंट-मैनेज्ड’ मॉडल में और भी सुरक्षा फीचर्स जोड़ सकता है, ताकि बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाया जा सके। यह कदम निश्चित रूप से बच्चों के लिए एक सुरक्षित और नियंत्रित डिजिटल वातावरण बनाने में मददगार साबित होगा।

🔍 खबर का विश्लेषण

यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति मेटा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ‘पेरेंट-मैनेज्ड’ अकाउंट मॉडल बच्चों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान करने में मदद करेगा, जिससे माता-पिता अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे और उन्हें संभावित खतरों से बचा सकेंगे। यह कदम मेटा की छवि को मजबूत करेगा और निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगा।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ वॉट्सएप का ‘पेरेंट-मैनेज्ड’ अकाउंट क्या है?

यह 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए है, जिसके जरिए माता-पिता अपने बच्चों के लिए वॉट्सएप सेटअप कर सकेंगे। इसमें बच्चे केवल मैसेज भेज पाएंगे और फोन कर सकेंगे, जबकि अन्य फीचर्स सीमित रहेंगे।

❓ वॉट्सएप इस्तेमाल करने की न्यूनतम उम्र क्या थी और यह बदलाव क्यों किया गया?

पहले वॉट्सएप चलाने की न्यूनतम उम्र 13 साल थी। कंपनी ने बताया कि कई बच्चे पहले से ही चोरी-छिपे एप का इस्तेमाल कर रहे थे, इसलिए एक्सपर्ट्स की सलाह पर यह ‘मैनेज्ड मॉडल’ लाया गया है।

❓ इस अकाउंट पर माता-पिता का कंट्रोल किस तरह का होगा?

पेरेंट्स तय करेंगे कि बच्चा किससे बात कर सकता है और किससे नहीं। वे कॉन्टैक्ट लिस्ट को मैनेज करेंगे और अनजान लोगों से संपर्क करने या रैंडम ग्रुप्स में जुड़ने पर पाबंदी लगा सकेंगे। प्राइवेसी सेटिंग्स बदलने का हक भी केवल पेरेंट्स को होगा।

❓ क्या पेरेंट्स बच्चों के निजी मैसेज भी पढ़ सकेंगे?

नहीं, वॉट्सएप बच्चों के मैसेज ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ से सुरक्षित रहेंगे। इसका मतलब है कि मैसेज सिर्फ भेजने वाले और पाने वाले के बीच रहेंगे। पेरेंट्स उन्हें अपनी डिवाइस से नहीं पढ़ पाएंगे।

❓ क्या इस फीचर के लिए बच्चों को अलग सिम कार्ड या फोन की जरूरत होगी?

इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है कि बच्चों को अलग सिम कार्ड या फोन की जरूरत होगी या नहीं, लेकिन यह स्पष्ट है कि मेटा का यह कदम बच्चों को सुरक्षित डिजिटल अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

📰 और पढ़ें:

Top Cricket Updates  |  Business & Market  |  Health Tips & Wellness

हर अपडेट सबसे पहले पाने के लिए SadhnaNEWS.com को बुकमार्क करें।

Source: Agency Inputs
 |  Published: 13 मार्च 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *