एक नज़र में
- काजल धोचक ने कुश्ती विश्व चैंपियनशिप के 76 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीता
- वह भारी वजन वर्ग में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं
- यह विश्व चैंपियनशिप के इतिहास में भारत का तीसरा रजत पदक है
भारतीय महिला पहलवान काजल धोचक ने 18 साल की उम्र में कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया है। कजाकिस्तान के अस्ताना में हुए 76 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में पहुंचकर उन्होंने यह उपलब्धि प्राप्त की है। वह इस प्रतियोगिता के भारी वजन वर्ग में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं।
इस सफलता से कुछ महीने पहले उन्हें एशियाई खेलों के चयन मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था, जिससे वह निराश थीं। हालांकि, खुद को संभालते हुए उन्होंने सीनियर विश्व चैंपियनशिप की तैयारी शुरू की और फाइनल तक का सफर तय किया। फाइनल मुकाबले में उन्हें प्रतिद्वंद्वी से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
यह उपलब्धि भारतीय कुश्ती के इतिहास में देश का तीसरा रजत पदक और भारी वजन वर्ग का पहला पदक है। सीनियर स्तर पर अपने पहले ही वर्ष में काजल ने अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में अपना खिताब बचाया और अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया है।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट काजल धोचक की कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में ऐतिहासिक सफलता और उनके संघर्षपूर्ण सफर को दर्शाती है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. काजल धोचक ने किस प्रतियोगिता में रजत पदक जीता?
उन्होंने कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है।
02. यह प्रतियोगिता कहां आयोजित हुई थी?
यह प्रतियोगिता कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित की गई थी।
