एक नज़र में
- प्रवर्तन निदेशालय ने अमेरिका भेजने वाले तीन अवैध डंकी रूटों का पता लगाया
- दिल्ली के एक एजेंट को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में किया गया गिरफ्तार
- वैध यात्रा का झांसा देकर वसूले गए 30 से 60 लाख रुपये तक
प्रवर्तन निदेशालय ने भारतीयों को अमेरिका में अवैध रूप से प्रवेश कराने के लिए एजेंटों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले तीन अलग-अलग रास्तों का खुलासा किया है। यह जानकारी दिल्ली के एक टिकटिंग एजेंट की गिरफ्तारी के बाद सामने आई है।
एजेंसी के अनुसार, इन रास्तों के जरिए यात्रियों से लाखों रुपये वसूले जाते थे। पहला रास्ता अल साल्वाडोर के रास्ते मैक्सिको और तिजुआना पहुंचता था। दूसरा रास्ता दुबई या अदीस अबाबा से गुयाना होते हुए ब्राजील और अन्य देशों से गुजरता था।
तीसरे रास्ते में गुयाना से शुरू होकर दक्षिण और मध्य अमेरिका के कई देशों से होते हुए अमेरिकी सीमा तक पहुंचने का मार्ग शामिल है। जांच में सामने आया कि इसके लिए प्रति व्यक्ति भारी रकम वसूली जाती थी और यात्रियों को खतरनाक रास्तों से भेजा जाता था।
खबर का संदर्भ
यह जांच फरवरी 2025 में अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीय नागरिकों से जुड़ी है। प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब और हरियाणा पुलिस की FIR के आधार पर PMLA के तहत कार्रवाई की है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. प्रवर्तन निदेशालय ने कितने अवैध रास्तों का पता लगाया है?
प्रवर्तन निदेशालय ने तीन अलग-अलग अवैध रास्तों का पता लगाया है।
02. इस मामले में किस एजेंट की गिरफ्तारी हुई है?
दिल्ली के टिकटिंग एजेंट तरुण खोसला को गिरफ्तार किया गया है।
