एक नज़र में
- फ्रांस में महंगाई और शिक्षा के मुद्दों पर बड़ा मार्च निकाला गया।
- पेरिस समेत कई शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
- प्रदर्शन के सिलसिले में दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
फ्रांस की राजधानी पेरिस और देश के अन्य हिस्सों में जीवन-यापन के बढ़ते खर्च और स्कूलों के वित्तपोषण के मुद्दों को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया गया। इस मार्च में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
पेरिस में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प देखने को मिली, जिसके दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। फ्रांसीसी मीडिया के अनुसार ल्योन, क्लेरमोंट-फेरंड, स्ट्रासबर्ग, नीस, नान्तेस और मार्सिले जैसे अन्य शहरों में भी पुलिस ने कार्रवाई की।
अधिकारियों के अनुसार इस प्रदर्शन और झड़पों के सिलसिले में दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस हिरासत में रखा गया है। यह आंदोलन पिछले महीने एक उच्च विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर शुरू हुआ था, जिसमें छात्र बेहतर स्कूल भवन, अधिक शिक्षकों और विश्वविद्यालयों में अधिक सीटों की मांग कर रहे हैं, जबकि यूनियनें महंगाई से निपटने के लिए बेहतर वेतन और पेंशन चाहती हैं।
खबर का संदर्भ
यह प्रदर्शन फ्रांस में बढ़ती महंगाई, वेतन, पेंशन और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को लेकर आयोजित किया गया था। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कार्यकाल के अंतिम महीनों में हो रहे इन प्रदर्शनों ने सरकार के समक्ष चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. यह प्रदर्शन किन मुद्दों को लेकर किया गया था?
यह प्रदर्शन स्कूलों के वित्तपोषण, शिक्षा व्यवस्था की मांगों और जीवन-यापन के बढ़ते खर्च यानी महंगाई के मुद्दों को लेकर किया गया था।
02. किन-किन शहरों में पुलिस कार्रवाई की खबरें हैं?
पेरिस के अलावा ल्योन, क्लेरमोंट-फेरंड, स्ट्रासबर्ग, नीस, नान्तेस और मार्सिले में पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।
