एक नज़र में
- कैंसर की 137 गैर-अनुसूचित दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 30 प्रतिशत सीमित किया गया।
- नया आदेश नौ नवंबर से प्रभावी होगा।
- खुदरा कीमतों में 70 प्रतिशत तक की कमी आने की उम्मीद जताई गई है।
दवा मूल्य नियामक एनपीपीए ने कैंसर-रोधी 137 गैर-अनुसूचित दवाओं के व्यापार मार्जिन को 30 प्रतिशत तक सीमित करने का निर्णय लिया है। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह फैसला नौ नवंबर से लागू होगा।
इस कदम से इन जीवनरक्षक दवाओं की खुदरा कीमतों में मौजूदा मूल्य संरचना के आधार पर 70 प्रतिशत तक की कमी आने की उम्मीद है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने राजपत्र अधिसूचना जारी होने के बाद औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश के तहत यह व्यवस्था लागू की है।
यह निर्णय स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के तहत गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। इस समिति में कैंसर विशेषज्ञ, चिकित्सा विशेषज्ञ, अस्पतालों के प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी शामिल थे।
मंत्रालय ने दवा कंपनियों को संशोधित मूल्य सूची अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करने और खुदरा विक्रेताओं तथा अस्पतालों को नौ नवंबर से संशोधित दरों पर दवाएं बेचने का निर्देश दिया है।
खबर का संदर्भ
यह निर्णय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों और एनपीपीए की पिछली प्रायोगिक योजनाओं के आधार पर लिया गया है, जिससे जीवनरक्षक दवाओं को अधिक किफायती बनाया जा सके।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. एनपीपीए ने कितनी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन सीमित किया है?
एनपीपीए ने कैंसर-रोधी 137 गैर-अनुसूचित दवाओं पर ट्रेड मार्जिन सीमित किया है।
02. यह नया नियम कब से प्रभावी होगा?
यह नया नियम नौ नवंबर से प्रभावी होगा।
