एक नज़र में
- लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया गया।
- यूट्यूबर ध्रुव राठी ने सभा को संबोधित करते हुए नए चुनाव आयुक्त की मांग की।
- विपरीत दिशा में मोदी के समर्थन में भी नारेबाजी की गई और पुलिस ने दोनों समूहों को अलग रखा।
लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ सैकड़ों लोग एकत्र हुए। इस प्रदर्शन का आयोजन इंडियन ओवरसीज कांग्रेस की युवा शाखा और अन्य संगठनों द्वारा किया गया था।
प्रदर्शन के दौरान यूट्यूबर ध्रुव राठी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उनके संबोधन से पहले नारे लगाए गए और संविधान की प्रस्तावना पढ़ी गई। राठी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वे विदेशी हस्तक्षेप नहीं चाहते हैं और देश में वोट चोरी के खिलाफ संदेश फैलाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त की जगह ऐसे उम्मीदवार को नियुक्त करने की मांग की जिस पर सरकार और नेता प्रतिपक्ष की सहमति हो।
उसी दौरान गांधी प्रतिमा के दूसरी ओर एक अन्य समूह द्वारा मोदी के समर्थन में नारे लगाए गए। दोनों समूहों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग रखा। जवाबी प्रदर्शन का आह्वान करने वाले एक संगठन के संस्थापक ने कहा कि प्रवासी समुदाय प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के साथ खड़ा है।
खबर का संदर्भ
यह घटना लंदन में भारतीय प्रवासियों और राजनीतिक संगठनों के बीच वैचारिक विरोध को दर्शाती है, जहां एक पक्ष ने निर्वाचन प्रक्रिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया, वहीं दूसरे पक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में आवाज उठाई।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. लंदन में प्रदर्शन का आयोजन किसने किया था?
इस प्रदर्शन का आयोजन इंडियन ओवरसीज कांग्रेस की युवा शाखा ने किया था।
02. प्रदर्शन में मुख्य वक्ता के रूप में कौन शामिल हुआ?
यूट्यूबर ध्रुव राठी प्रदर्शन में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।
