एक नज़र में
- रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत
- सऊदी गठबंधन ने यमन के हूती विद्रोहियों को ठहराया जिम्मेदार
- भारत ने आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने की निंदा की
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए मिसाइल हमले में 12 लोगों की जान चली गई और 300 से अधिक लोग घायल हो गए। यह हमला हवाई अड्डे के घरेलू उड़ानों वाले टर्मिनल 3 और 4 के हिस्से पर हुआ।
इस हमले में मारे गए लोगों में सऊदी अरब के चार और बांग्लादेश के दो नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा फिलिस्तीन, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया और सूडान का एक-एक नागरिक भी इस हमले में मारा गया।
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस हमले के पीछे पड़ोसी देश यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का हाथ बताया है। रियाद के इस हवाई अड्डे पर एक हफ्ते के भीतर यह तीसरा हमला था, जिसके कारण उड़ानों का संचालन भी प्रभावित हुआ।
भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि आम नागरिकों और उनसे जुड़ी जगहों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सऊदी अरब की संप्रभुता के लिए वहां की सरकार और जनता के साथ है।
खबर का संदर्भ
यह घटना सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए मिसाइल हमले से संबंधित है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय नागरिकों के हताहत होने और भारत की प्रतिक्रिया को दर्शाया गया है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. रियाद एयरपोर्ट पर हमले में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 300 से अधिक घायल हुए।
02. भारत ने इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भारत ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि आम नागरिकों को निशाना बनाना गलत है और वह सऊदी अरब के साथ खड़ा है।
