एक नज़र में
- जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में अतिरिक्त उत्पादन क्षमता और निष्पक्ष व्यापार पर चर्चा हुई।
- भारत को डेटा सेंटरों में निवेश के लिए करीब 200 अरब डॉलर की प्रतिबद्धताएं मिली हैं।
- मतभेदों के कारण बैठक में कोई साझा परिणाम दस्तावेज जारी नहीं हो सका।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शिकागो में भारतीय प्रवासियों के सवालों का जवाब देते हुए जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिल्वौकी में हुई इस बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि कुछ क्षेत्रों में सरकारी समर्थन से तैयार की गई भारी उत्पादन क्षमताएं भारत, अमेरिका और यूरोप जैसे निष्पक्ष व्यापार का पालन करने वाले देशों के विनिर्माण को नुकसान न पहुंचाएं।
गोयल ने कहा कि कई देश अपनी अतिरिक्त क्षमता के कारण आक्रामक मूल्य निर्धारण का सहारा ले रहे हैं और सामान डंप कर रहे हैं, जिससे निष्पक्ष व्यापार प्रभावित हो रहा है। बैठक के दौरान विश्व व्यापार संगठन के भविष्य पर भी चर्चा हुई जो वर्तमान में दबाव में है। हालांकि सार्थक बातचीत के बाद भी मतभेदों के चलते कोई साझा परिणाम दस्तावेज जारी नहीं हो सका।
डेटा सेंटर निवेश के संबंध में मंत्री ने कहा कि भारत इसके लिए दुनिया का सबसे बेहतरीन स्थान है। भारत को डेटा सेंटरों में निवेश के लिए लगभग 200 अरब डॉलर की प्रतिबद्धताएं मिली हैं। उन्होंने किफायती बुनियादी ढांचे, सस्ती ऊर्जा, युवा प्रतिभाओं और कर-मुक्त लाभों का हवाला दिया। साथ ही बताया कि देश की 520 गीगावाट स्थापित बिजली क्षमता का 60 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छ ऊर्जा से आता है।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा शिकागो में दिए गए बयानों पर आधारित है, जिसमें जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के मुख्य बिंदुओं और भारत में डेटा सेंटर निवेश की संभावनाओं का उल्लेख किया गया है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक कहां हुई थी?
यह बैठक मिल्वौकी में हुई थी।
02. भारत को डेटा सेंटर निवेश के लिए कितनी प्रतिबद्धताएं मिली हैं?
भारत को डेटा सेंटरों में निवेश के लिए लगभग 200 अरब डॉलर की प्रतिबद्धताएं मिली हैं।
