एक नज़र में
- रात में ब्रश करने के बाद दूध पीने से बच्चों के दांतों में कैविटी का खतरा बढ़ सकता है।
- सोने से पहले ब्रश करना बच्चे के खाने-पीने का आखिरी स्टेप होना चाहिए।
- तीन साल से कम उम्र के बच्चे के लिए टूथपेस्ट की मात्रा चावल के दाने जितनी होनी चाहिए।
एक से तीन साल तक के बच्चों के दांतों में कैविटी और उनके काले होने की समस्या के पीछे रात के समय बार-बार दूध पीने की आदत हो सकती है। डॉक्टर साक्षी बरनवाल के अनुसार दूध अपने आप में नुकसानदायक नहीं होता है, लेकिन रात के समय बार-बार दूध पीने और ब्रश करने के बाद दूध पीने से दांतों पर कैविटी का खतरा बढ़ जाता है.
दूध में मौजूद प्राकृतिक शुगर रातभर दांतों के संपर्क में बनी रहती है यदि बच्चा दूध पीने के बाद ब्रश नहीं करता है। कई बच्चों की रूटीन होती है कि वे पहले ब्रश करते हैं और फिर दूध मांगकर पीते हैं और सो जाते हैं। इस आदत में बदलाव करने की सलाह दी गई है ताकि दांतों को सुरक्षित रखा जा सके.
रात की रूटीन में यह बदलाव किया जा सकता है कि बच्चे को पहले दूध पिलाया जाए और उसके बाद ब्रश कराया जाए। सोने से पहले ब्रश करना बच्चे के खाने-पीने का आखिरी चरण होना चाहिए। यदि बच्चा रात में दोबारा दूध मांगे तो उसे बार-बार दूध देने के बजाय पानी देने का प्रयास किया जा सकता है.
बच्चों के दांतों की देखभाल के लिए दिन में दो बार ब्रश कराना चाहिए और फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना चाहिए। तीन साल से कम उम्र के बच्चों के लिए टूथपेस्ट की मात्रा चावल के दाने जितनी या बहुत कम होनी चाहिए। इसके अलावा बच्चे की पहली डेंटल विजिट एक साल की उम्र तक हो जानी चाहिए।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट छोटे बच्चों में दांतों की कैविटी और कालापन आने की समस्या से जुड़े चिकित्सीय सुझावों पर आधारित है। डॉक्टर साक्षी बरनवाल के हवाले से रात के समय दूध पीने की गलत रूटीन और उससे बचाव के उपायों को समझाया गया है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. बच्चों के दांत काले क्यों पड़ने लगते हैं?
रात में बार-बार दूध पीने और ब्रश करने के बाद दूध पीने से दांतों पर शुगर बनी रहती है, जिससे कैविटी और दांत काले होने का खतरा बढ़ जाता है।
02. बच्चों की रात की रूटीन में क्या बदलाव करना चाहिए?
बच्चे को पहले दूध देना चाहिए, उसके बाद ब्रश करवाना चाहिए और फिर सुलाना चाहिए।
