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मुंबई: भागवत ने Gen-Z को बताया अधिक देशभक्त, संवाद की कमी से आंदोलन

राष्ट्रीय
📅 07 अगस्त 2026 | SadhnaNEWS Desk

मुंबई: भागवत ने Gen-Z को बताया अधिक देशभक्त, संवाद की कमी से आंदोलन - SadhnaNEWS Hindi News


🔑 मुख्य बातें

  • मोहन भागवत ने Gen-Z और Gen-अल्फा को पुरानी पीढ़ी से अधिक देशभक्त और ईमानदार बताया।
  • उन्होंने कहा कि युवाओं से संवाद की कमी के कारण ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन हुए।
  • भागवत ने Gen-Z के सवाल पूछने के अधिकार का समर्थन किया और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुंबई: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में Gen-Z और Gen-अल्फा के युवाओं के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद में उन्हें पुरानी पीढ़ी से अधिक देशभक्त और ईमानदार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं से संवाद की कमी ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलनों का मुख्य कारण थी। यह टिप्पणी मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ पर 11 से 19 साल के करीब 2,000 छात्रों की उपस्थिति में की गई।

भागवत ने स्वीकार किया कि सरकार की गलतियों पर आंदोलन तब होते हैं जब बातचीत विफल हो जाती है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने पहले ही युवाओं से बात की होती, तो शायद आंदोलन की आवश्यकता नहीं पड़ती। यह बयान NEET पेपर लीक के खिलाफ देशभर में हुए प्रदर्शनों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आया है, जिसे RSS का युवाओं के साथ एक अहम संवाद माना जा रहा है। यह दर्शाता है कि देश के युवाओं की आवाज को सुनना कितना महत्वपूर्ण है।

संघ प्रमुख ने Gen-Z की सोच पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी के लोग बड़ों की बातों पर सवाल नहीं करते थे, लेकिन आज की Gen-Z सवाल करती है और उन्हें जवाब चाहिए। भागवत ने जोर देकर कहा कि युवाओं को प्यार और सम्मान के साथ उनके सवालों के जवाब दिए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सुधार के लिए आंदोलन आवश्यक हैं और यह बातचीत का ही एक तरीका है, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में महत्वपूर्ण है।

Gen-Z के अधिकारों पर बात करते हुए, भागवत ने कहा कि वे युवाओं को आंदोलन न करने के लिए नहीं कहेंगे, क्योंकि संविधान में प्रदर्शन करने का अधिकार दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह कैसे करना है, इस पर विचार होना चाहिए। यह टिप्पणी युवाओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी सक्रिय भागीदारी को स्वीकार करती है। यह सरकार और समाज दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाए। प्रधानमंत्री और सरकार को इन आवाजों पर ध्यान देना चाहिए।

इस संवाद का महत्व केवल युवाओं को समझने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर संवाद और सहभागिता के एक नए युग की शुरुआत का संकेत भी देता है। यह दिखाता है कि कैसे देश के सबसे बड़े संगठन भी बदलते समय के साथ युवाओं की आकांक्षाओं और विचारों को महत्व दे रहे हैं। यह भारत के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम है, जहाँ युवा अपनी बात रख सकें और उनकी बात सुनी जा सके।

🔍 खबर का विश्लेषण

यह खबर राष्ट्रीय राजनीति और सामाजिक संवाद के बदलते परिदृश्य को दर्शाती है। संघ प्रमुख मोहन भागवत का Gen-Z के प्रति यह दृष्टिकोण युवाओं की बढ़ती मुखरता और उनके मुद्दों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। यह संकेत देता है कि अब युवाओं के आंदोलनों को केवल विरोध के रूप में नहीं, बल्कि संवाद की कमी के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है। सरकार और अन्य संगठनों के लिए यह एक महत्वपूर्ण सीख है कि युवाओं की आवाज को सुना जाए और उनके सवालों का जवाब दिया जाए, ताकि देश में सकारात्मक बदलाव आ सके। यह भारत के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ मोहन भागवत ने Gen-Z के बारे में क्या कहा?

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने Gen-Z और Gen-अल्फा को पुरानी पीढ़ी से भी ज्यादा देशभक्त और ईमानदार बताया। उन्होंने कहा कि यह पीढ़ी सवाल करती है और उन्हें जवाब व प्यार दोनों चाहिए। यह उनकी सोच को समझने की आवश्यकता पर जोर देता है।

❓ युवाओं के आंदोलन का मुख्य कारण क्या बताया गया?

भागवत ने स्पष्ट किया कि युवाओं से बातचीत में कमी ही आंदोलनों का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने पहले ही संवाद किया होता, तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन की जरूरत नहीं पड़ती।

❓ यह संवाद किस कार्यक्रम में हुआ?

यह महत्वपूर्ण संवाद मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ पर आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में 11 से 19 साल की उम्र के लगभग 2,000 छात्र शामिल हुए थे।

❓ NEET पेपर लीक प्रदर्शनों से इसका क्या संबंध है?

NEET पेपर लीक के खिलाफ देशभर में हुए प्रदर्शनों के बाद इसे RSS का युवाओं के साथ सबसे अहम संवाद माना जा रहा है। जंतर-मंतर पर 36 दिन चले आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था।

❓ भागवत ने Gen-Z के सवाल पूछने के अधिकार पर क्या टिप्पणी की?

भागवत ने कहा कि Gen-Z सवाल करती है और उन्हें जवाब चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को आंदोलन नहीं करना चाहिए, यह वे नहीं कहेंगे, क्योंकि संविधान में प्रदर्शन का अधिकार है।

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Source: Agency Inputs
 |  Published: 07 अगस्त 2026

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