📅 02 अगस्त 2026 | SadhnaNEWS Desk
🔑 मुख्य बातें
- ब्रॉड पीक पर हुए हिमस्खलन में दिग्गज पर्वतारोही निर्मल पुर्जा समेत 10 अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहियों की दुखद मौत हो गई।
- ‘एलीट एक्सपेड’ ने पुष्टि की कि बृहस्पतिवार को हुई इस घटना में अभियान का कोई भी सदस्य जीवित नहीं बचा।
- यह त्रासदी पर्वतारोहण समुदाय के लिए एक बड़ा झटका है और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की मांग करती है।
काठमांडू/लाहौर: रविवार, 2 अगस्त 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान स्थित ब्रॉड पीक पर हुए एक भीषण हिमस्खलन में 10 पर्वतारोहियों की दुखद मौत हो गई है। इस अंतरराष्ट्रीय त्रासदी में विश्व प्रसिद्ध नेपाली-ब्रिटिश पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (43) भी शामिल थे, जिनकी अभियान कंपनी ‘एलीट एक्सपेड’ ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। यह घटना पर्वतारोहण समुदाय के लिए एक गहरा सदमा है और इसने हिमालयी क्षेत्रों में पर्वतारोहण की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर किया है।
बृहस्पतिवार को लगभग 7,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ब्रॉड पीक पर आए इस हिमस्खलन की चपेट में आए कुल 10 पर्वतारोहियों में पुर्जा के अलावा पांच नेपाली पर्वतारोही और पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका तथा चीन के एक-एक पर्वतारोही शामिल थे। ब्रॉड पीक, जो काराकोरम पर्वत श्रृंखला में के2 के पास स्थित है, अपनी दुर्गम परिस्थितियों के लिए जानी जाती है। ‘एलीट एक्सपेड’ ने अपने बयान में पुष्टि की कि अभियान का कोई भी सदस्य इस भयावह हिमस्खलन से जीवित नहीं बचा, जिससे यह एक पूर्ण त्रासदी बन गई है।
कंपनी ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा, “बहुत दुख और गहरे सदमे के साथ हम पुष्टि करते हैं कि निर्मल निम्सदाई पुर्जा की ब्रॉड पीक पर हुए हिमस्खलन के बाद मौत हो गई।” बयान में आगे कहा गया कि अभियान में शामिल अन्य सदस्य भी जीवित नहीं बच सके। इस घटना ने वैश्विक पर्वतारोहण समुदाय को स्तब्ध कर दिया है, क्योंकि निर्मल पुर्जा ‘प्रोजेक्ट पॉसिबल’ जैसे अपने असाधारण अभियानों के लिए जाने जाते थे, जिसमें उन्होंने रिकॉर्ड समय में दुनिया के 14 सबसे ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ाई की थी। यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्वतारोहण सुरक्षा प्रोटोकॉल पर फिर से विचार करने की आवश्यकता पर बल देती है।
‘एलीट एक्सपेड’ ने अपने बयान में पुर बहादुर गुरूंग (युक्ता) और निमा शेरपा जैसे अन्य साथी पर्वतारोहियों और गाइडों को भी याद किया, जिन्होंने इस त्रासदी में अपनी जान गंवाई। यह घटना पर्वतारोहण के जोखिमों और अप्रत्याशित प्रकृति की एक गंभीर याद दिलाती है, खासकर ऐसे ऊंचे और खतरनाक पर्वतों पर। विश्व भर से पर्वतारोहियों और साहसिक प्रेमियों के लिए यह एक बड़ी क्षति है, और इसने ग्लोबल स्तर पर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग को तेज कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र और संबंधित अंतरराष्ट्रीय संगठन पर्वतारोहण सुरक्षा पर विचार कर सकते हैं।
🔍 खबर का विश्लेषण
यह खबर पर्वतारोहण के अत्यधिक जोखिमों और अप्रत्याशित प्रकृति को रेखांकित करती है, खासकर काराकोरम जैसे दुर्गम पर्वत श्रृंखलाओं में। निर्मल पुर्जा जैसे अनुभवी और रिकॉर्ड-धारक पर्वतारोही की मौत, जो अपनी असाधारण क्षमताओं के लिए जाने जाते थे, यह दर्शाती है कि प्रकृति की शक्ति के सामने कोई भी सुरक्षित नहीं है। यह त्रासदी वैश्विक पर्वतारोहण समुदाय के लिए एक गंभीर चेतावनी है और सुरक्षा प्रोटोकॉल, उपकरण मानकों और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों की तत्काल समीक्षा की आवश्यकता पर बल देती है। यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्वतारोहण अभियानों के लिए सख्त नियमों और बेहतर तैयारी की मांग को बढ़ाएगी।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ ब्रॉड पीक हिमस्खलन में कितने पर्वतारोहियों की मौत हुई?
ब्रॉड पीक पर हुए हिमस्खलन में कुल 10 पर्वतारोहियों की दुखद मौत हो गई। इनमें नेपाली-ब्रिटिश पर्वतारोही निर्मल पुर्जा, पांच नेपाली पर्वतारोही और पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका तथा चीन के एक-एक पर्वतारोही शामिल थे। यह एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय त्रासदी है।
❓ निर्मल पुर्जा कौन थे और उनकी मौत की पुष्टि किसने की?
निर्मल पुर्जा एक विश्व प्रसिद्ध नेपाली-ब्रिटिश पर्वतारोही थे, जो ‘प्रोजेक्ट पॉसिबल’ के तहत रिकॉर्ड समय में 14 सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ने के लिए जाने जाते थे। उनकी मौत की पुष्टि उनकी अभियान कंपनी ‘एलीट एक्सपेड’ ने शनिवार को की।
❓ हिमस्खलन किस स्थान पर और कितनी ऊंचाई पर हुआ?
हिमस्खलन पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान में स्थित ब्रॉड पीक पर हुआ। यह घटना लगभग 7,000 मीटर की ऊंचाई पर हुई, जो काराकोरम पर्वत श्रृंखला में के2 के पास स्थित एक चुनौतीपूर्ण शिखर है।
❓ इस त्रासदी का पर्वतारोहण समुदाय पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस त्रासदी का वैश्विक पर्वतारोहण समुदाय पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। यह घटना पर्वतारोहण के जोखिमों को उजागर करती है और सुरक्षा प्रोटोकॉल, आपातकालीन तैयारियों तथा पर्वतारोहण अभियानों के लिए सख्त अंतरराष्ट्रीय नियमों की आवश्यकता पर बल देती है।
❓ ‘एलीट एक्सपेड’ ने अपने बयान में और क्या जानकारी दी?
‘एलीट एक्सपेड’ ने अपने बयान में पुष्टि की कि हिमस्खलन में अभियान का कोई भी सदस्य जीवित नहीं बचा। कंपनी ने निर्मल पुर्जा के साथ-साथ पुर बहादुर गुरूंग (युक्ता) और निमा शेरपा जैसे अन्य साथी पर्वतारोहियों और गाइडों को भी याद किया।
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Source: Agency Inputs
| Published: 02 अगस्त 2026
