📅 12 जुलाई 2026 | SadhnaNEWS Desk
🔑 मुख्य बातें
- कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने सूअरों के पेट से गॉलब्लेडर निकालकर मेडिकल इतिहास रचा, बिना मानवीय हस्तक्षेप के।
- ‘सर्जी’ नाम के इन रोबोट्स ने लैप्रोस्कोपिक विधि से जटिल सर्जरी की, जिसमें बाजार में उपलब्ध सामान्य रोबोट्स का उपयोग किया गया।
- एडवांस्ड सॉफ्टवेयर और खास फिजिकल एडॉप्टर ने रोबोट्स को सर्जिकल टूल्स को सटीकता से पकड़ने और इंसानी इशारों को समझने में मदद की।
कैलिफोर्निया: मेडिकल साइंस के इतिहास में एक अभूतपूर्व घटना दर्ज हुई है, जहां पहली बार दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने सूअरों का सफल ऑपरेशन किया है। ‘सर्जी’ नाम के इन रोबोट्स ने बिना किसी मानवीय सहायता के सूअरों के पेट से गॉलब्लेडर को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला। यह उपलब्धि कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों और इंजीनियर्स के अथक प्रयासों का परिणाम है, जो भविष्य की तकनीक और चिकित्सा पद्धतियों के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त करती है।
इस जटिल लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी सर्जरी में, रोबोट्स ने सूअरों के पेट में बिना बड़ा चीरा लगाए गॉलब्लेडर को निकाला। सबसे खास बात यह है कि इसके लिए कोई विशेष रोबोट नहीं बनाया गया था, बल्कि बाजार में उपलब्ध दो सामान्य रोबोट्स का उपयोग किया गया, जिनकी कीमत लगभग ₹19 लाख से भी कम है। इन रोबोट्स की लंबाई 4 से 5 फीट है, जो उन्हें सर्जिकल प्रक्रिया के लिए पर्याप्त लचीलापन प्रदान करती है।
ऑपरेशन के दौरान, रोबोट्स ने इंसानी डॉक्टरों की तरह ही अत्यंत सावधानी और सटीकता से काम किया। उन्होंने अंदर के टिश्यूज को हटाया, उनकी जांच की, नसों को क्लिप से बंद किया और लिवर को नुकसान पहुंचाए बिना गॉलब्लेडर को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला। इस सफलता के पीछे एडवांस्ड सॉफ्टवेयर और खास फिजिकल एडॉप्टर का विकास है, जो रोबोट्स को सर्जिकल टूल्स को मजबूती और सटीकता से पकड़ने में मदद करते हैं। यह सॉफ्टवेयर इंसानी हाथों के इशारों और मूवमेंट को समझने में सक्षम है, जिससे एआई-आधारित सर्जरी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
यह प्रयोग मेडिकल दुनिया में एक बड़ा बदलाव ला सकता है, खासकर दूरस्थ या आपातकालीन स्थितियों में जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सीमित होती है। तकनीक और गैजेट्स का यह संगम स्वास्थ्य सेवा को अधिक सुलभ और कुशल बनाने की क्षमता रखता है। इंटरनेट और एआई के बढ़ते प्रभाव के साथ, भविष्य में स्मार्टफोन-नियंत्रित रोबोटिक सर्जरी भी संभव हो सकती है, जो चिकित्सा क्षेत्र में क्रांति लाएगी। यह उपलब्धि दर्शाती है कि मानव-रोबोट सहयोग से असंभव लगने वाले कार्य भी संभव हो सकते हैं।
🔍 खबर का विश्लेषण
यह खबर चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक तकनीक के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। पहली बार पूरी तरह से स्वायत्त रोबोट्स द्वारा सर्जरी का सफल निष्पादन, भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह न केवल सर्जिकल प्रक्रियाओं की सटीकता और सुरक्षा को बढ़ा सकता है, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सा देखभाल तक पहुंच को भी बेहतर बना सकता है। यह प्रयोग यह भी साबित करता है कि महंगे और विशेष रोबोट्स के बजाय, सामान्य गैजेट्स को भी उन्नत सॉफ्टवेयर के साथ चिकित्सा उपयोग के लिए अनुकूलित किया जा सकता है, जिससे तकनीक अधिक सुलभ होगी।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ रोबोट्स द्वारा की गई यह सर्जरी इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?
यह सर्जरी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मेडिकल साइंस में पहली बार है जब दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने बिना किसी मानवीय सहायता के एक जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह भविष्य की स्वायत्त रोबोटिक सर्जरी और एआई-संचालित चिकित्सा पद्धतियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
❓ इस सर्जरी में किन रोबोट्स का इस्तेमाल किया गया था?
इस सर्जरी में ‘सर्जी’ निकनेम वाले दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स का इस्तेमाल किया गया था। ये कोई विशेष रोबोट नहीं थे, बल्कि बाजार में मिलने वाले सामान्य रोबोट्स थे जिनकी कीमत लगभग ₹19 लाख से भी कम है।
❓ रोबोट्स ने सर्जरी कैसे पूरी की?
रोबोट्स ने लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी विधि से सूअरों के पेट से गॉलब्लेडर निकाला। उन्होंने एडवांस्ड सॉफ्टवेयर और खास फिजिकल एडॉप्टर की मदद से टिश्यूज हटाए, नसों को क्लिप किया और गॉलब्लेडर को सुरक्षित बाहर निकाला, ठीक इंसानी डॉक्टरों की तरह।
❓ इस प्रयोग के पीछे कौन सी संस्था है?
इस सफल प्रयोग के पीछे कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों और इंजीनियर्स की एक रिसर्च टीम है। उन्होंने रोबोट्स को सर्जिकल टूल्स को सटीकता से पकड़ने और इंसानी हाथों के इशारों को समझने के लिए खास सॉफ्टवेयर और एडाप्टर विकसित किए।
❓ यह तकनीक भविष्य में चिकित्सा को कैसे प्रभावित कर सकती है?
यह तकनीक भविष्य में चिकित्सा को क्रांतिकारी रूप से प्रभावित कर सकती है। यह सर्जिकल प्रक्रियाओं की सटीकता बढ़ाएगी, दूरस्थ क्षेत्रों में विशेषज्ञ देखभाल सुलभ बनाएगी और आपातकालीन स्थितियों में जीवन बचाने में मदद करेगी। यह एआई और रोबोटिक्स के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा को अधिक कुशल बनाएगी।
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Source: Agency Inputs
| Published: 12 जुलाई 2026
