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नई दिल्ली: रघुराम राजन ने AI की क्षमताओं को लेकर निराशावादी न होने की सलाह दी

राजनीति
📅 03 अप्रैल 2026 | SadhnaNEWS Desk

नई दिल्ली: रघुराम राजन ने AI की क्षमताओं को लेकर निराशावादी न होने की सलाह दी - SadhnaNEWS Hindi News


🔑 मुख्य बातें

  • रघुराम राजन ने एआई को लेकर अत्यधिक निराशावादी होने के खिलाफ चेतावनी दी है, कहा कि नौकरी खत्म होने की भविष्यवाणी अतिरंजित है।
  • सिट्रिनी ने 2028 तक एआई द्वारा अधिकांश व्हाइट-कॉलर नौकरियों को खत्म करने का परिदृश्य प्रस्तुत किया था, जिससे वित्तीय बाजारों में हलचल हुई।
  • राजन का तर्क है कि एआई-प्रेरित लागत में कमी और उत्पादकता में वृद्धि से मानव-श्रम की भी आवश्यकता पैदा हो सकती है।

नई दिल्ली: पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की क्षमताओं को लेकर अत्यधिक निराशावादी होने के खिलाफ चेतावनी दी है। उनका कहना है कि एआई के व्यापक रूप से व्हाइट-कॉलर नौकरियों को खत्म करने की भविष्यवाणी कुछ पहलुओं में अतिरंजित है। सिट्रिनी नामक इक्विटी-रिसर्च फर्म ने 2028 तक एआई द्वारा अधिकांश व्हाइट-कॉलर नौकरियों को खत्म करने का परिदृश्य प्रस्तुत किया था, जिससे वित्तीय बाजारों में हलचल मच गई थी।

राजन के अनुसार, सॉफ्टवेयर जैसे कुछ क्षेत्रों को छोड़कर, एआई को अपनाने में आने वाली बाधाएं और इससे उत्पन्न जड़ता बदलावों की गति को धीमा कर सकती हैं। इतिहास में हमेशा से ऐसा ही रहा है। उन्होंने 1920 के दशक में ऑटोमैटेड टेलीफोन एक्सचेंज का उदाहरण दिया, जिसके बावजूद अमेरिका में टेलीफोन ऑपरेटरों की नौकरी 1980 के दशक तक जारी रही।

राजन का तर्क है कि टेक्नोलॉजी अपने आप में केवल एक चर है। इसके चारों ओर ऐसी प्रक्रियाएं और संरचनाएं भी होनी चाहिए, जो ग्राहकों को विश्वसनीय सेवा का आश्वासन दें। स्थापित कंपनियों को नए प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त मिलती है, भले ही वे नवीनतम तकनीक का उपयोग न कर रही हों।

इसके अतिरिक्त, एआई-प्रेरित लागत में कमी और उत्पादकता में वृद्धि से उत्पन्न नए अवसर एआई पर निर्भरता तक ही सीमित नहीं रहेंगे। वे मानव-श्रम की भी आवश्यकता पैदा कर सकते हैं, जैसा कि इंटरनेट और इन्फ्लुएंसर्स के उदय के साथ देखा गया है।

हालांकि, राजन एक ऐसे भविष्य की कल्पना करते हैं जहां कुछ विशिष्ट प्लेटफॉर्म (जैसे एंथ्रोपिक या मेटा) एआई के ऐसे स्तर तक पहुंच जाएं, जो उन्हें प्रतिस्पर्धा से आगे निकलने और यूजर-कंपनियों से लगातार ऊंची कीमतें वसूलने में सक्षम बना दें। ये प्लेटफॉर्म भारी मुनाफा अर्जित करेंगे, जिससे उनके कर्मचारियों और शेयरधारकों की आय बढ़ेगी।

साथ ही, उनकी सेवाओं पर निर्भर अनेक कंपनियां भी भुगतान करने को तैयार होंगी, क्योंकि एआई उनकी उत्पादकता बढ़ाएगा और उन्हें अधिक व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों को हटाने की अनुमति देगा। इसके बाद बेरोजगार हुए ये कर्मचारी…

राजन के विचार ऐसे समय में आए हैं जब राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों ही तकनीकी प्रगति के संभावित प्रभावों को लेकर बहस कर रहे हैं। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही इस बात पर विचार कर रही हैं कि एआई के विकास को कैसे प्रबंधित किया जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इसका लाभ व्यापक रूप से वितरित हो और इसके नकारात्मक परिणामों को कम किया जा सके। आने वाले चुनावों में यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता है। नेता इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि एआई के कारण होने वाले व्यवधानों के लिए तैयार रहना आवश्यक है।

🔍 खबर का विश्लेषण

रघुराम राजन का यह विश्लेषण महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एआई के भविष्य को लेकर एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। जबकि एआई में नौकरियों को बदलने की क्षमता है, यह नए अवसर भी पैदा कर सकता है। राजन का तर्क है कि हमें एआई के विकास को लेकर डरने की बजाय, इसके लाभों को अधिकतम करने और इसके नकारात्मक परिणामों को कम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यह खबर राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एआई के विकास को प्रबंधित करने के तरीके पर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ रघुराम राजन के अनुसार, एआई को अपनाने में क्या बाधाएं हैं?

रघुराम राजन के अनुसार, एआई को अपनाने में आने वाली बाधाएं और इससे उत्पन्न जड़ता बदलावों की गति को धीमा कर सकती हैं। सॉफ्टवेयर जैसे कुछ क्षेत्रों को छोड़कर, यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी हो सकती है।

❓ एआई के कारण कौन से नए अवसर पैदा हो सकते हैं?

एआई-प्रेरित लागत में कमी और उत्पादकता में वृद्धि से उत्पन्न नए अवसर एआई पर निर्भरता तक ही सीमित नहीं रहेंगे। वे मानव-श्रम की भी आवश्यकता पैदा कर सकते हैं, जैसा कि इंटरनेट और इन्फ्लुएंसर्स के उदय के साथ देखा गया है।

❓ रघुराम राजन ने किन विशिष्ट प्लेटफार्मों का उल्लेख किया है जो एआई में प्रतिस्पर्धा से आगे निकल सकते हैं?

रघुराम राजन ने एंथ्रोपिक या मेटा जैसे विशिष्ट प्लेटफार्मों का उल्लेख किया है जो एआई के ऐसे स्तर तक पहुंच सकते हैं, जो उन्हें प्रतिस्पर्धा से आगे निकलने और यूजर-कंपनियों से लगातार ऊंची कीमतें वसूलने में सक्षम बना दें।

❓ सिट्रिनी की रिपोर्ट के अनुसार, एआई कब तक अधिकांश व्हाइट-कॉलर नौकरियों को खत्म कर देगा?

सिट्रिनी नामक इक्विटी-रिसर्च फर्म ने एक ऐसा परिदृश्य प्रस्तुत किया था, जिसमें 2028 तक एआई अधिकांश व्हाइट-कॉलर नौकरियों को खत्म कर देगा, जिससे वित्तीय बाजारों में हलचल मच गई थी।

❓ टेलीफोन ऑपरेटरों के उदाहरण से रघुराम राजन क्या समझाना चाहते हैं?

रघुराम राजन 1920 के दशक में ऑटोमैटेड टेलीफोन एक्सचेंज का उदाहरण देते हैं, जिसके बावजूद अमेरिका में टेलीफोन ऑपरेटरों की नौकरी 1980 के दशक तक जारी रही। इससे वे समझाना चाहते हैं कि नई तकनीक को अपनाने में समय लगता है।

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Source: Agency Inputs
 |  Published: 03 अप्रैल 2026

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