📅 18 मार्च 2026 | SadhnaNEWS Desk
🔑 मुख्य बातें
- असम में बीजेपी 89 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, एजीपी 26 और बीपीएफ 11 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, सीएम सरमा ने दी जानकारी।
- केरल में AAP ने 21 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की, तिरुवनंतपुरम से सामिन सत्यदास को मिला टिकट।
- बंगाल में TMC ने 291 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, ममता बनर्जी भबानीपुर से लड़ेंगी चुनाव, 74 विधायकों के टिकट कटे।
नई दिल्ली: आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों में सरगर्मी तेज हो गई है। असम में बीजेपी, केरल में AAP और पश्चिम बंगाल में TMC ने अपनी-अपनी रणनीतियों और उम्मीदवारों की घोषणा की है। इन घोषणाओं से चुनावी माहौल और भी अधिक प्रतिस्पर्धी हो गया है। देश की राजनीति में इन बदलावों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) 89 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि असम गण परिषद (एजीपी) 26 सीटों पर और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। शेष सीटों पर बीजेपी अपने उम्मीदवार उतारेगी। पार्टी जल्द ही उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करेगी। इस बीच, कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, जिससे राज्य में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। सरकार और प्रधानमंत्री इस चुनाव को लेकर काफी गंभीर हैं।
केरल में आम आदमी पार्टी (AAP) ने विधानसभा चुनाव के लिए 21 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है। पार्टी ने तिरुवनंतपुरम से सामिन सत्यदास और एर्नाकुलम से मोसेस हेनरी मोथा को टिकट दिया है। इससे पहले, AAP 22 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर चुकी है। कांग्रेस और बीजेपी भी केरल में अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है। देश में आप अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) ने 291 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया है। ममता बनर्जी ने 74 विधायकों के टिकट काट दिए हैं और 15 विधायकों की सीटें बदल दी हैं। ममता बनर्जी भबानीपुर से चुनाव लड़ेंगी, जहां उनका मुकाबला भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से होगा। पिछले विधानसभा चुनाव में सुवेंदु ने ममता को नंदीग्राम सीट पर हराया था। टिकट वितरण को लेकर साउथ 24 परगना में TMC कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन तीनों राज्यों में चुनाव बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। असम में बीजेपी अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश करेगी, जबकि कांग्रेस वापसी करने की उम्मीद कर रही है। केरल में AAP अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में है, वहीं पश्चिम बंगाल में TMC को अपनी सत्ता बचाने की चुनौती है। इन चुनावों के नतीजे देश की राजनीति पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं।
इन चुनावों में राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ स्थानीय मुद्दे भी हावी रहेंगे। बेरोजगारी, महंगाई, और विकास जैसे मुद्दों पर जनता का ध्यान केंद्रित रहेगा। राजनीतिक दलों को इन मुद्दों पर जनता को संतुष्ट करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। इन चुनावों के नतीजे आगामी लोकसभा चुनावों के लिए भी दिशा तय करेंगे।
आगे देखना होगा कि इन राजनीतिक घटनाक्रमों का देश पर क्या प्रभाव पड़ता है। इन चुनावों के परिणामों का सभी को बेसब्री से इंतजार रहेगा।
🔍 खबर का विश्लेषण
यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। उम्मीदवारों की घोषणा और रणनीतिक गठबंधनों से चुनावी माहौल गरमा गया है। इन चुनावों के नतीजे देश की राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं, इसलिए इन पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। सरकार की स्थिरता के लिए यह चुनाव बहुत ही महत्वपूर्ण है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ असम में बीजेपी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी?
असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) 89 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बाकी सीटें असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के लिए छोड़ी गई हैं।
❓ केरल में AAP ने कितने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी की है?
केरल में आम आदमी पार्टी (AAP) ने विधानसभा चुनाव के लिए 21 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी की है। पार्टी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
❓ पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी किस सीट से चुनाव लड़ेंगी?
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी भबानीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगी। उनका मुकाबला भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से होगा।
❓ TMC ने पश्चिम बंगाल में कितने विधायकों के टिकट काटे हैं?
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पश्चिम बंगाल में 74 विधायकों के टिकट काट दिए हैं। इसके साथ ही 15 विधायकों की सीटें भी बदली गई हैं।
❓ असम में कांग्रेस सांसद का इस्तीफा क्यों महत्वपूर्ण है?
असम में कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का पार्टी से इस्तीफा देना राज्य में राजनीतिक समीकरणों को बदल सकता है। इससे कांग्रेस को झटका लग सकता है और बीजेपी को फायदा हो सकता है।
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Source: Agency Inputs
| Published: 18 मार्च 2026
